लखनऊ, 22 सितंबर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी किसानों की Farmer Registry तैयार करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। एग्रीस्टैक (Digital Public Infrastructure for Agriculture) के तहत चलने वाला यह महाअभियान 25 सितंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में चलेगा।
सरकार ने इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी भूस्वामी और बटाईदार किसानों को Farmer Registry से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए Farmer ID यानी किसान पहचान पत्र पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। ऐसे में सरकार अब अधिक से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी करने पर जोर दे रही है।
कम रजिस्ट्री वाले गांवों से होगी शुरुआत
अभियान के तहत सबसे पहले उन गांवों को चिन्हित किया जाएगा, जहां अभी तक सबसे कम किसानों की Farmer Registry हुई है। इन गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में किसानों की खतौनी दुरुस्त करने, नाम मैच स्कोर और अंश निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। जनपद स्तर पर इन कैंपों के संचालन और सफल आयोजन की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक और जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी के तौर पर दी गई है।
बटाईदार किसानों की भी बनेगी Farmer ID
इस अभियान में केवल जमीन के मालिक किसानों को ही नहीं, बल्कि किराए या बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए एग्रीस्टैक के तहत विकसित Cultivator/Tenant Module का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए बटाईदार और किरायेदार किसानों की भी Farmer ID तैयार की जाएगी।
ग्राम सचिवालयों में लगेंगे कैंप
किसानों की सुविधा के लिए ऐसे स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां बिजली, इंटरनेट, कुर्सी और मेज जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए ग्राम सचिवालयों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में राजस्व लेखपालों की भूमिका अहम होगी। लेखपाल जरूरत के अनुसार गांवों में रात्रि प्रवास भी करेंगे और खतौनी से जुड़े विवादों तथा समस्याओं का मौके पर निस्तारण कर Farmer Registry का काम पूरा कराएंगे।
इन कर्मचारियों को बनाया गया ऑपरेटर
कैंप मोड में Farmer Registry तैयार करने के लिए भारत सरकार के विकसित Operator Mode के तहत राजस्व विभाग के लेखपाल और कृषि विभाग के तकनीकी सहायक (वर्ग-सी), ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक को ऑपरेटर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पंचायती राज, ग्राम्य विकास, गन्ना और उद्यान विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ BC-Sakhi और Krishi-Sakhi को भी विशेष प्रशिक्षण देकर अभियान में लगाया जाएगा।
किसानों को क्या होगा फायदा?
Farmer Registry और Farmer ID के जरिए किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं से किसानों को जोड़ने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। सरकार का लक्ष्य अभियान के जरिए प्रदेश के शत-प्रतिशत किसानों को Farmer Registry से जोड़ना है।


