लखनऊ, 21 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल बड़ा बाजार और विशाल जनशक्ति वाला राज्य नहीं है, बल्कि अपने युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों की प्रतिभा के दम पर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘बीमार प्रदेश’ की छवि से बाहर निकालकर ‘उत्सव प्रदेश’ बनाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम अपने संदेश में कहा कि UP International Trade Show 2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना और प्रदेश के कारीगरों, उत्पादकों तथा उद्यमियों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।
2023 में शुरू हुआ था यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी। यह आयोजन प्रदेश के उत्पादकों, कारीगरों और उद्यमियों को खरीदारों, निवेशकों और वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने प्रदेश की सेवा का दायित्व संभाला था, तब रोजगार सृजन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आज अकेले एमएसएमई सेक्टर और ओडीओपी जैसी पहलों के माध्यम से चार करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इसी सफलता से प्रेरित होकर ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ODoC)’ जैसी नई पहल भी शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और विशिष्टताओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।
15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रदेश में निर्माण क्षेत्र की भागीदारी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं और करीब 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश से औद्योगिक और निर्माण गतिविधियां बढ़ती हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। इसका सीधा लाभ प्रदेश के लोगों और खासकर युवाओं को मिलता है।
‘युवा रोजगार पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें’
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान सिर्फ उसके बड़े बाजार और जनशक्ति से नहीं, बल्कि यहां के युवाओं के कौशल, कारीगरों की मेहनत, शिल्पकारों की कला और उद्यमियों की प्रतिभा से भी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का युवा केवल रोजगार पाने वाला न बने, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बने। इसी सोच के साथ युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप नीति-2026 और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी पहलें नवाचार, कौशल विकास, उत्पाद निर्माण और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा रही हैं।
ग्लोबल मार्केट से जुड़ने का मंच है ट्रेड शो
मुख्यमंत्री के अनुसार, आज उत्तर प्रदेश अपने उत्पादों के साथ-साथ युवाओं की उद्यमशीलता को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी क्षमता को खरीदारों, निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को बड़ी संख्या में ट्रेड शो में पहुंचकर नए संपर्क बनाने, बाजार की जरूरतों को समझने और अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप नए अवसर तलाशने चाहिए।
छोटे प्रयास बन सकते हैं बड़े कारोबार की नींव
सीएम योगी ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आसपास उपलब्ध अवसरों को पहचानना भी जरूरी है। किसी युवा का जमीनी स्तर पर शुरू किया गया छोटा-सा विचार और प्रयास भविष्य में बड़े उद्यम का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के प्रयासों के जरिए उत्तर प्रदेश की स्थानीय क्षमता को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। इसी सामर्थ्य के बल पर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने की ओर बढ़ रहा है।


