PM Modi on Climate Change: ‘भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम’

नई दिल्ली, 19 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से किया जा रहा है, जिसमें भारत समेत 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

विकसित देशों के प्रति व्यक्ति उत्सर्जन पर पीएम मोदी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत के रुख को सामने रखते हुए कहा कि कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी अक्सर विकासशील देशों पर डाल दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। सरकारी दस्तावेजों में भी भारत के प्रति व्यक्ति ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को वैश्विक औसत से काफी कम बताया गया है। 2023 के आंकड़ों के अनुसार भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन करीब 2.9 टन CO2e था, जबकि वैश्विक औसत 6.7 टन CO2e था। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इन आंकड़ों और जलवायु परिवर्तन में ऐतिहासिक जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उठाता रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत की पहल

प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई से जुड़ी भारत की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI), Global Biofuels Alliance, International Big Cat Alliance और Mission LiFE जैसी पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ आगे बढ़ रहा है और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है।

12 साल में तेजी से बढ़ी सौर ऊर्जा क्षमता

प्रधानमंत्री ने भारत में सौर ऊर्जा के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की सौर ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 164.59 GW पहुंच चुकी थी, जबकि 2014 में यह करीब 2.8 GW थी। पीएम मोदी ने नवीकरणीय ऊर्जा को पर्यावरण संरक्षण और भारत के ऊर्जा बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

PM Surya Ghar योजना से 50 लाख से ज्यादा घर जुड़े

प्रधानमंत्री ने PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक योजना के तहत 50.06 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके थे। योजना के तहत अब तक करीब 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी लाभार्थियों को ट्रांसफर की जा चुकी है और करीब 19 लाख घरों में शून्य बिजली बिल की स्थिति दर्ज की गई है।

पर्यावरण और जलवायु शासन पर अंतरराष्ट्रीय मंथन

19 और 20 सितंबर को आयोजित सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी नीतियों, उनके क्रियान्वयन और पर्यावरणीय शासन को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हो रही है। इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के अलावा विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि शामिल हैं।

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