दूरदर्शन ने मनाया 67वां स्थापना दिवस : भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा

नई दिल्ली, 15 सितम्बर। सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के टेलीविजन प्रभाग, दूरदर्शन ने मंगलवार को संगीत, नृत्य और मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया। मंडी हाउस स्थित दूरदर्शन भवन में आयोजित इस समारोह की थीम ‘दूरदर्शन – कल भी अपना, आज भी अपना’ थी।

यह कार्यक्रम प्रसारक की छह दशकों से ज्यादा लंबी यात्रा और दर्शकों की कई पीढ़ियों के साथ उसके जुड़ाव का प्रतीक था। इस कार्यक्रम में गायिका ज्योति नूरां ने प्रस्तुति दी जबकि शिखा खरे और उनके समूह ने ‘रिदम विदाउट बॉर्डर्स’ नाम से एक फ्यूजन नृत्य प्रस्तुति पेश की।

कार्यक्रम में दूरदर्शन के आने वाले धारावाहिक ‘संस्कार’ और ‘सुराग 2.0’ के साथ-साथ कुछ पुराने लोकप्रिय शो से जुड़ी हस्तियों के साथ बातचीत भी शामिल थी। इनमें के.सी. बोकाडिया, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, दर्शन जरीवाला, पंकज बेरी, सुदेश बेरी, साई केतन राव, जिज्ञासा सिंह और रेहान शाहरुख मिर्जाबेग शामिल थे। नमिता सचदेवा और अभिनेता-हास्य कलाकार अली असगर ने कार्यक्रम की मेजबानी की।

प्रसार भारती ने कहा कि दूरदर्शन छह दशकों से ज़्यादा समय से भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा रहा है और जन-सेवा के अपने मकसद को बनाए रखते हुए नए मंच और प्रौद्योगिकी के हिसाब से खुद को ढालता रहा है। उल्लेखनीय है कि दूरदर्शन ने 15 सितम्बर, 1959 को दिल्ली में प्रायोगिक टेलीविजन प्रसारण शुरू किया था।

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