Ayodhya Ram Mandir: 30 सितंबर तक पूरा होगा राम मंदिर परिसर का निर्माण, मार्च 2027 तक बाकी काम भी होंगे पूरे

अयोध्या, 20 अगस्त। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में निर्माण का मुख्य काम 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मंदिर परिसर से जुड़े अधिकांश प्रमुख निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। कुछ शेष कार्यों को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।

30 सितंबर तक पूरा होगा मुख्य निर्माण कार्य

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, 30 सितंबर तक राम मंदिर परिसर के मुख्य निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर के बाद लार्सन एंड टुब्रो और टाटा से जुड़े कर्मचारी परिसर से हट जाएंगे। वहीं, ऑडिटोरियम का निर्माण राज्य निर्माण निगम की ओर से किया जा रहा है। इससे जुड़े अन्य शेष कार्यों के मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।

पूर्ण स्मृति स्तंभ पर लगेगा ट्रस्ट का लोगो

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में निर्माण का मुख्य काम लगभग पूरा हो चुका है। अब पूर्ण स्मृति स्तंभ के ऊपर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लोगो लगाने का काम बाकी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मौजूदा लोगो को लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसे कांस्य से तैयार किया जाएगा।

राम कथा संग्रहालय में अलग-अलग तकनीक का इस्तेमाल

बैठक के दौरान राम कथा संग्रहालय के विकास और संचालन पर भी चर्चा हुई। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय की सभी गैलरियों के लिए स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन तैयार हो चुकी है। हालांकि, प्रत्येक गैलरी में विषय के अनुसार अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि दर्शकों को संबंधित प्रसंग को प्रभावी तरीके से समझने और अनुभव करने का मौका मिल सके।

गैलरी नंबर 17 में दिखेगा भगवान राम का वनवास

नृपेंद्र मिश्रा ने गैलरी नंबर 17 का जिक्र करते हुए इसे चुनौतीपूर्ण बताया। इस गैलरी में उन नदियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्हें भगवान राम ने वनवास के दौरान पार किया था। इसके साथ ही इन नदियों के किनारे भगवान राम से जुड़े प्रसंगों और उनके संदेशों को भी प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विषयों को सही और प्रभावी तरीके से प्रदर्शित करने के लिए तकनीक का चयन विषय की प्रकृति के अनुसार किया जाएगा।

IIT चेन्नई के विशेषज्ञ दे रहे नए सुझाव

राम कथा संग्रहालय की प्रस्तुतियों को बेहतर बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) चेन्नई के विशेषज्ञ भी नए विचारों पर काम कर रहे हैं। नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, तीन दिवसीय बैठक में राम मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और श्रद्धालुओं से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

मंदिर निर्माण में लोहे और स्टील का नहीं हुआ इस्तेमाल

राम मंदिर की निर्माण तकनीक की प्रमुख विशेषताओं में मुख्य ढांचे में लोहे और स्टील के इस्तेमाल से परहेज करना भी शामिल है। मंदिर को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए पारंपरिक निर्माण तकनीकों और विशेष निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर परिसर के बाकी विकास कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

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