एक दिनी सीरीज : गुवाहाटी में शतकों की बारिश के बीच टीम इंडिया ने रचा इतिहास, वेस्टइंडीज पर 2-0 की निर्णायक बढ़त

गुवाहाटी, 30 सितम्बर। पूर्वोत्तर राज्य गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार को शतकों की तूफानी बारिश के बीच कई रिकॉर्ड स्थापित किए गए। दरअसल, दूसरे एक दिनी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने मिलकर विपक्षी गेंदबाजों का कचूमर निकालते हुए एक दोहरा शतक व चार शतक ठोक दिए जबकि 93.3 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर कुल 811 रन उड़ गए। लेकिन इस लड़ाई में टीम इंडिया अंततः बीस छूटी और अपने एक दिनी क्रिकेट इतिहास पहली बार चार सौ से ज्यादा रनों के लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए उसने 39 गेंदों के शेष रहते वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराने के साथ 2-0 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।

कैंपबेल, होप व जांगू के शतक, कैरेबियाई टीम पहली बार 400 के पार पहुंची

गेंदबाजों के लिए खलनायिका साबित हुई पिच पर पहले बल्लेबाजी को उतारे गए वेस्टइंडीज ने ओपनर जॉन कैंपबेल (101 रन, 68 गेंद, पांच छक्के, नौ चौके), कप्तान शाई होप (104 रन, 94 गेंद, तीन छक्के, आठ चौके) और आमिर जांगू (114 रन, 77 गेंद, तीन छक्के, 17 चौके) के आक्रामक शतकीय प्रहारों से सात विकेट पर 405 रनों का पहाड़ खड़ा कर ले गया। 50 ओवरों के प्रारूप में कैरेबियाई टीम का 400 रनों से अधिक का पहला स्कोर था।

रोहित का 35वां सैकड़ा, गिल ने जड़ा तीव्रतम दोहरा शतक

लेकिन मेहमानों का यह स्कोर भी नाकाफी साबित हुआ क्योंकि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने आलोचकों को खामोश करते हुए 39 वर्ष की वय में जहां 35वां एक दिनी सैकड़ा (101 रन, 75 गेंद, छह छक्के, 10 चौके) जड़ा वहीं लगातार दूसरी शतकीय फारी खेलने वाले कप्तान शुभमन गिल के बल्ले से रिकॉर्ड तीव्रतम दोहरा शतक (नाबाद 233 रन, 133 गेंद, आठ छक्के, 26 चौके) निकला।

शुभमन व रोहित के बीच पहले विकेट के लिए 161 गेंदों पर 255 रनों की भागीदारी

रोहित व गिल ने सिर्फ 161 गेंदों पर पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी कर दी। रोहित के लौटने के भी गिल नहीं थमे। उन्होंने विराट कोहली (29 रन, 19 गेंद, एक छक्का, तीन चौके) संग 65 रन जोड़े। फिर गिल व ऋतुराज गायकवाड़ (नाबाद 31 रन, 37 गेंद, दो चौके) के बीच अटूट 86 रनों का साझेदारी से भारत ने 43.3 ओवरों में ही सिर्फ दो विकेट पर 406 रन बनाकर प्रभावशाली जीत हासिल कर ली।

कीर्तिमानों की झड़ी : भारत ने पहली बार 400 रनों से ज्यादा लक्ष्य हासिल किया

  • दरअसल, इस मुकाबले में कीर्तिमानों की झड़ी देखने को मिली। इस क्रम में दो पीढ़ियों के इन सुपरस्टार बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से भारत ने न सिर्फ पहली बार 400 रनों से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया वरन 50 ओवरों के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल ‘रन चेज’ पूरा किया।

ODI इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन-चेज दक्षिण अफ्रीका के नाम

  • ODI इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन-चेज दक्षिण अफ्रीका के नाम है, जिसने 2006 में जोहानेसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह कारनामा किया था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 434/4 रन बनाए थे, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने 49.5 ओवरों में 438/9 रन बनाकर एक विकेट से जीत हासिल की थी।
  • भारत की बात करें तो उसने सबसे बड़े सफल रन-चेज का 2013 का अपना रिकॉर्ड तोड़ा। तब जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक विकेट पर ही 362 रन बनाकर भारत ने जीत दर्ज की थी।

भारत व विंडीज मैच में सबसे ज्यादा कुल रनों का नया रिकॉर्ड

  • बारसापारा की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल रही, जिस पर 811 रन बने, जो भारत व वेस्टइंडीज के बीच एक मैच में सबसे ज्यादा कुल रनों का रिकॉर्ड रहा।

साथी बल्लेबाज ईशान किशन को पीछे छोड़ तीव्रतम द्विशतकवीर बने गिल

  • गिल का जहां तक सवाल है तो उन्होंने अपनी ही टीम के साथी ईशान किशन के 126 गेंदों पर दोहरे शतक का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए 117 गेंदों पर 200 रन पूरे किए और वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक अपने नाम कर लिया।

रोहित के 12,000 एक दिनी रन पूरे

  • वहीं रोहित ने 12,000 वनडे रन पूरे किए, जिससे वह ऐसा करने वाले केवल सातवें क्रिकेटर तथा सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली के बाद तीसरे भारतीय बने। इसके बाद उन्होंने 35वां वनडे शतक पूरा किया और अपने अंदाज से हटकर हल्की उछल-कूद के साथ जश्न मनाया।

  • ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ गिल ने इससे पहले केवल 62 गेंदों पर अपना 11वां वनडे शतक पूरा किया। यह इस प्रारूप में उनका सबसे तेज शतक था।

भारत 22 ओवर तक बिना विकेट 200 रनों तक जा पहुंचा था

भारतीय बल्लेबाजी देखें तो 12 ओवरों के अंदर ही 100 रन पार हो चुके थे। इस दौरान गिल ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि रोहित ने सिर्फ 32 गेंदों में पचासा जड़ दिया। भारत 22वें ओवर तक बिना कोई विकेट गंवाए 200 रन तक पहुंच गया था।

यह पहली बार था, जब किसी वनडे में 350 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी सलामी जोड़ी ने ऐसा किया। यह साझेदारी 255 पर समाप्त हुई, जब रोहित 75 गेंद पर 101 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन तब तक भारत को 24 ओवरों में केवल 151 रन चाहिए थे, जो मेजबान बल्लेबाजों की बल्लेबाजी को देखते हुए बहुत छोटा दिखने लगा।

वेस्टइंडीज की ओर से पहली बार वनडे में तीन शतक लगे

इससे पहले कैंपबेल ने 65 गेंदों पर शतक जड़कर अपनी रफ्तार दिखाई। इसी क्रम में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारत के अनुभवहीन तेज गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। कैंपबेल के साथ दूसरे विकेट पर 110 रन जोड़ने के बाद होप व जांगू ने 82 रनों की साझेदारी के दौरान बीच के और अंतिम ओवरों में दबदबा बनाते हुए करीब आठ रन प्रति ओवर की दर से स्कोर में इजाफा किया। यह पहला मौका था, जब वेस्टइंडीज के लिए वनडे में तीन शतक बने। यह स्कोर 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ उसके पिछले 389 रनों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बेहतर रहा।

प्रथम प्रवेशी आकिब गनी सहित युवा पेसरों की अनुभवहीनता उजागर हुई

भारतीय गेंदबाजी पर गौर करें तो एशियाई खेलों की टीम में शामिल जसप्रीत बुमराह व बाहर चल रहे मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति में भारत 2027 विश्व कप से पहले युवाओं को आजमा रहा है। लेकिन तेज गेंदबाजी आक्रमण के प्रदर्शन ने काफी सवाल खड़े किए क्योंकि इसमें उसकी अनुभवहीनता उजागर हो रही है। भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को लगातार नजरअंदाज किए जाने के बीच भारत की विकल्प तलाशने की कोशिश प्रभावशाली नहीं दिखी।

स्कोर कार्ड

जम्मू-कश्मीर से भारतीय टीम में प्रतिनिधित्व करने वाले तीसरे क्रिकेटर बने ऑकिब नबी ने अपने 8.5 ओवरों में 84 रन लुटाए और उन्हें सपाट पिच पर वेस्टइंडीज को रोकने में संघर्ष करना पड़ा। गुरनूर बरार ने 96 रन देकर दो जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने पांच ओवरों में 45 रन देकर एक विकेट लिया।

कुलदीप यादव वनडे में 200 विकेट के क्लब में शामिल

भारत की चिंता और बढ़ गई, जब बल्लेबाजी ऑलराउंडर नमन धीर का टखना मुड़ गया जिससे उन्हें 6.1 ओवर गेंदबाजी करने के बाद 36वें ओवर में मैदान छोड़ना पड़ा। हालांकि भारत के लिए सकारात्मक पहलू दो स्पिनर रहे, जिसमें कुलदीप यादव (2-65) ने वनडे में 200 विकेट के क्लब में प्रवेश किया जबकि रवींद्र जडेजा ने 75 रन देकर दो विकेट झटके।

न्यू चंडीगढ़ में 3 अक्टूबर खेला जाएगा अंतिम एक दिनी

अब दोनों टीमें तीन अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में तीसरे व अंतिम मैच से एक दिनी सीरीज की औपचारिकता पूरी करेंगी। उसके बाद छह से 17 अक्टूबर के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जाएगी।

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