लखनऊ, 11 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर यानी गृहकर, जलकर और सीवरकर की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने का फैसला किया है। इस योजना से लंबे समय से संपत्ति कर के बकाये में फंसे लाखों करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पुराने बकाये की वसूली से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।
15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी OTS योजना
सरकार के मुताबिक, एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार महीने निर्धारित की गई है। योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसका लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लंबित संपत्ति कर के पात्र बकायेदारों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पुराने कर बकायों का सरल और व्यावहारिक तरीके से निस्तारण कराना, करदाताओं पर आर्थिक दबाव कम करना और कर संबंधी न्यायालयीय विवादों में कमी लाना है।
पहले महीने में होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
नगरीय निकायों की ओर से 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 तक सभी संबंधित करदाताओं और हितधारकों को योजना की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही योजना को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र करदाता इसका लाभ उठा सकें।
तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया
सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए OTS के तहत बकाया संपत्ति कर का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने की सुविधा दी है।योजना लागू होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर करदाता को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी। इसके बाद बची हुई दो-तिहाई राशि अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए जमा की जा सकेगी। इस तरह योजना के तहत देय पूरी धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने में पूरा करना अनिवार्य होगा।
एके शर्मा बोले- निकायों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। OTS योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना से लंबे समय से लंबित कर बकायों का समाधान होगा और करदाताओं को पुराने बकाये के निस्तारण का सरल अवसर मिलेगा। साथ ही, नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की प्रभावी और समयबद्ध वसूली में मदद मिलेगी।
सड़क, पानी और सफाई जैसी सुविधाओं पर खर्च होगा राजस्व
मंत्री एके शर्मा ने बताया कि कर से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नगरीय निकायों के आय के स्रोतों को मजबूत करना है, ताकि वे अपने विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बन सकें। OTS योजना के जरिए सरकार ने एक ओर करदाताओं की सुविधा का ध्यान रखा है, वहीं दूसरी ओर नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण को भी प्राथमिकता दी है।

