नई दिल्ली, 28 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, “सदन को चलने दीजिए, बातचीत हो। पेपर लीक से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा के लिए दोपहर 2 बजे का समय तय किया गया है।”
पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल 2026 पर होगी चर्चा
लोकसभा में सोमवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पेश किया गया था। इस विधेयक में 2024 के कानून को और सख्त बनाने का प्रस्ताव है।
मुख्य प्रावधान:
पेपर लीक और अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार।
इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई कर शीघ्र फैसला सुनिश्चित करने का प्रावधान।
विपक्ष की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के. सी. वेणुगोपाल और गौरव गोगोई इस विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेंगे।
विपक्ष की मांग : पहले पुलिस कार्रवाई पर जवाब
INDIA गठबंधन के नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में रणनीति बैठक की। विपक्ष का कहना है कि वह परीक्षा सुधार कानून का विरोध नहीं कर रहा, लेकिन सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पेलेट गन और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर पहले जवाब देना चाहिए।
NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में रणनीति
संसद भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में सुबह 9:30 बजे एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित हुई। बैठक में नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित एनडीए के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक की खास बात यह रही कि पहली बार नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद भी इसमें शामिल हुए। बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, परीक्षा सुधार कानून और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

