नई दिल्ली, 23 जुलाई। पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को INDI गठबंधन के नेताओं ने संसद परिसर स्थित मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार के कामकाज को देखते हुए यह स्पष्ट है कि जवाबदेही केवल खातों में पैसा भेजने तक सीमित नहीं हो सकती। उनके अनुसार, सरकार को पेपर लीक जैसे मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे दिन दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है और इस तरह सरकार नहीं चलाई जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि संसद के अंदर और बाहर विपक्ष की एक ही मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उनका कहना था कि पहले इस्तीफा होना चाहिए, उसके बाद ही किसी तरह की चर्चा हो सकती है। उन्होंने सरकार के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहले छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई पर जवाब दे। उनके मुताबिक, पेपर लीक और उससे जुड़े घटनाक्रम की राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है।
