सीनियर IAS लोखंडे प्रशांत सीताराम CBSE के नए अध्यक्ष नियुक्त, संशोधित आदेश में केंद्र ने सौंपा अतिरिक्त प्रभार
नई दिल्ली, 3 जुलाई। केंद्र सरकार ने सीनियर IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया अध्यक्ष नियुक्त करने का संशोधित आदेश जारी किया है। उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है जबकि वह गृह मंत्रालय में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जब तक सीबीएसई के लिए किसी नियमित चेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक लोखंडे प्रशांत सीताराम दोनों जिम्मेदारियां संभालेंगे। इस कदम से भारत के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा बोर्ड के कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी। यह फैसला कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा दो जुलाई को जारी एक आदेश के जरिए लिया गया है।
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 2001 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को गृह मंत्रालय के गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही, वह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर सीबीएसई के चेयरपर्सन के रूप में भी काम करेंगे।
The Appointments Committee of the Cabinet has approved the appointment of Lokhande Prashant Sitaram, IAS (AGMUT:2001), Chairperson, Central Board of Secondary Education (CBSE), as Additional Secretary, Department of Home, Ministry of Home Affairs.
He will… pic.twitter.com/vMXbnHAszl
— Bureaucrats India (@BureaucratsInd) July 3, 2026
आदेश में साफ कहा गया है कि सीबीएसई में उनका कार्यकाल तब तक जारी रहेगा, जब तक कि कोई स्थायी चेयरपर्सन नियुक्त नहीं हो जाता या सरकार की ओर से कोई और निर्देश नहीं जारी किए जाते। इनमें से जो भी पहले होगा, तब तक वे इस पद पर बने रहेंगे।
ताजा फैसले में जून के उस पुराने आदेश में बदलाव किया गया है, जिसके तहत लोखंडे को सीबीएसई का फुल-टाइम चेयरपर्सन बनाया गया था। नई व्यवस्था के तहत, अब उनकी भूमिका को गृह मंत्रालय और सीबीएसई के बीच बांट दिया गया है।
लोखंडे प्रशांत सीताराम का बैकग्राउंड टेक्निकल और मैनेजमेंट का है। उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी और मुंबई के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (NITIE) से पढ़ाई की है। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि सीबीएसई का प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे। सीबीएसई भारत और विदेशों में 30,000 से ज्यादा संबद्ध स्कूलों को रेगुलेट करने और 10वीं व 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है। बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों और परीक्षा सुधारों को लागू करने में भी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इस बदलाव के दौर में नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है।
