ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, लेबनान पर इजराइली हमलों में 16 लोगों की मौत के बाद फैसला

तेहरान, 20 जून। अमेरिका के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दो दिन बाद ही ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री मार्ग बंद कर दिया है। ईरान की ज्वॉइंट मिलिट्री कमांड ने सरकारी टीवी पर एलान करते हुए कहा कि इसकी वजह लेबनान में हो रहे इजराइली हमले हैं।

हमले जारी रहने पर ईरान ने बुरे अंजाम की चेतावनी दी

ईरान ने इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि यह तो सिर्फ पहला कदम है। यदि इजराइल के हमले इसी तरह से जारी रहे तो अंजाम और भी बुरा हो सकता है। बयान में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल लगातार सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं।

दूसरी तरफ इसको लेकर अमेरिका का भी बयान है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रहा है। उन्होंने कहा कि रविवार को ईरान के साथ बातचीत संभव है।

अमेरिका-ईरान ने 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत किए थे

उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून की रात शांति समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें होर्मुज को खोलने और लेबनान में हमले बंद करने की शर्तें थीं। लेकिन पीस डील पर साइन के बाद भी इजराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे थे।

इसके बाद ट्रम्प की पहल पर 19 जून की रात इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर का एलान हुआ था। हालांकि सीजफायर के एलान के आठ घंटे बाद ही इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष शुरू हो गया। अल जजीरा के अनुसार इजराइली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।

इजराइली पीएम नेतन्याहू बोले – गाजा और लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा

इस बीच इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि गाजा और लेबनान में इजराइल अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।

आगे के कदम की ईरानी योजना

वहीं ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि यह कदम लेबनान में इजराइल के हमले जारी रहने और अमेरिका की बदनीयती व युद्ध खत्म करने संबंधी वादों के स्पष्ट उल्लंघन की वजह से उठाया गया है। सरकारी टेलीविजन पर दिए गए बयान में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि आक्रामकता जारी रहती है तो आगे के कदम उठाने की योजना बना ली गई है।

खतरे में विश्वसनीयता

गौरतलब है कि इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया था। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी काररवाई की थी। ईरान ने पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया। आगे चलकर उसने होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हो गई। वहीं, विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई। फिलहाल दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो गया है। लेकिन इजराइल ने हठधर्मिता दिखाते हुए कहा है कि वह लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा।

रिवॉल्यूशनरी गार्ड की चेतावनी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स सेना के मुख्य कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने शनिवार को इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे लेबनान के हिज्बुल्लाह के साथ हुए टकरावों से सबक सीखना चाहिए। उन्होंने आगे चेताया कि गाजा के पास भी अपना सैलाब है।

जनरल कानी ने एक्स पर लिखा, “गाजा के पास भी अपना सैलाब है। जब हमने कहा था कि हिज्बुल्लाह के पास ‘मिर्साद’ (यूएवी) हैं, तब तुमने ध्यान नहीं दिया और तुम जाल में फंस गए। अब इन सौ लोगों की मौत का जवाब कौन देगा? उन्होंने कहा कि अगर तुम अपने राजनेताओं की मर्जी के मुताबिक कदम बढ़ाओगे, तो इस तूफान में फंस जाओगे। संभल जाओ।”

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