पश्चिम एशिया में फिर उपजे तनाव से शेयर बाजार ने गंवाई शुरुआती बढ़त, बेंचमार्क इंडेक्स लगभग सपाट बंद

मुंबई, 10 जून। अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौता होते-होते एक बार फिर तनाव बढ़ने के कारण कारोबारी सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और दोनों बेंचमार्क इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुए। तेल एवं गैस, धातु और दूरसंचार शेयरों में अंतिम घंटे की बिकवाली की वजह से बीसीआई सेंसेक्स जहां 64 अंकों की मामूली बढ़त लेकर रुका वहीं एनएसई निफ्टी 27 अंकों की गिरावट लेकर ठहरा।

सेंसेक्स 64.42 अंकों की बढ़त से 73,983.18 पर बंद

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 64.42 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,983.18 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक एक समय 694.25 अंकों की मजबूती से 74,613.01 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन कई स्टॉक्स में अंतिम घंटे की बिकवाली से बढ़त सीमित हो गई। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में 12 के शेयर लाभ में रहे तो 18 ने नुकसान देखा।

निफ्टी 27.15 अंक फिसलकर 23,214.95 पर बंद

उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 27.15 अंक यानी 0.12 प्रतिशत फिसलकर 23,214.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,425.35 अंक के उच्च स्तर तक गया और 23,184.60 अंक के निचले स्तर तक आया। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 19 के स्टॉक चढ़कर रुके को 31 में गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.37 प्रतिशत नीचे आया। मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 1.35 प्रतिशत की गिरावट रही।

एक्सिस बैंक व हिन्दुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे ज्यादा 1.70 फीसदी चढ़े

सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में एक्सिस बैंक व हिन्दुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे ज्यादा 1.70 फीसदी चढ़े। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी ओर, इटर्नल लिमिटेड, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व और टाइटन के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एफआईआई ने 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.20 प्रतिशत घटकर 91.27 डॉलर प्रति बैरल रही।

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