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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल को मिली मजबूती

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नई दिल्ली, 9 जून। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय वर्ष 2017 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।

मिशन शक्ति के तहत योजना का विस्तार

एक अप्रैल, 2022 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को मिशन शक्ति के अंतर्गत शामिल किया गया है। इसके बाद मातृत्व एवं शिशु लाभ की किस्तों को तीन से घटाकर दो कर दिया गया। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाते हुए दूसरे बच्चे के लिए भी लाभ का प्रावधान किया गया, बशर्ते नवजात शिशु बालिका हो।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले बच्चे के लिए दो किस्तों में 5,000 रुपये तथा दूसरे बच्चे के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता गर्भावस्था के प्रारंभिक पंजीकरण, प्रसवपूर्व देखभाल और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पड़ावों से जुड़ी हुई है।

प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से मिल रही समय पर सहायता

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से राशि भेजी जाती है। योजना में गर्भपात या मृत शिशु जन्म जैसी परिस्थितियों के लिए भी नए पात्रता प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे इसकी समावेशिता और बढ़ी है। यह वित्तीय सहायता आंशिक वेतन मुआवजे के रूप में कार्य करती है, जिससे महिलाओं को प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम और देखभाल का अवसर मिलता है।

करोड़ों महिलाओं तक पहुंची योजना

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना देशभर में व्यापक स्तर पर प्रभावी साबित हुई है। 30 अप्रैल, 2026 तक योजना के तहत 4.27 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा चुकी है जबकि कुल वितरित राशि 20,150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं के अनुभव इसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। आर्थिक कठिनाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच का सामना कर रही महिलाओं को योजना के तहत समय पर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकीं।

सुरक्षित मातृत्व को मिला बढ़ावा

योजना के माध्यम से उचित देखभाल और नियमित निगरानी सुनिश्चित होने से अनेक महिलाओं ने स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव कराया और स्वस्थ शिशुओं को जन्म दिया। यह योजना सुरक्षित मातृत्व और बेहतर मातृ स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही योजना संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, मातृ स्वास्थ्य में सुधार लाने और बालिका शिशु के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देकर लैंगिक समानता को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हुई है।

योजना की पहुंच और मजबूत करने पर जोर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा है कि स्वस्थ और सशक्त भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी पहुंच को और अधिक विस्तारित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक पात्र महिला तक इसका लाभ पहुंच सके।

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