बांग्लादेश : भारतीय उच्चायोग में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी नरेन धर की मौत, मिशन परिसर में मृत पाए गए
ढाका, 20 मई। बांग्लादेश के चट्टोग्राम में भारतीय उच्चायोग में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के पद पर कार्यरत नरेन धर मंगलवार को मिशन परिसर के अंदर मृत पाए गए। नरेन धर की उम्र 30 वर्ष के आस-पास थी और वह भारतीय उच्चायोग के पुराने वीजा केंद्र भवन की दूसरी मंजिल पर सुबह एक बाथरूम के दरवाजे के सामने मृत पाए गए।
बंदरगाह शहर के पुलिस प्रवक्ता अमिनुर राशिद ने पत्रकारों को बताया, ‘हमें बताया गया है कि वह नरेन धर थे और मिशन में सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर काम कर रहे थे।’ हालांकि, धर की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) माना जा रहा था। लेकिन राशिद ने, जो शहर के सहायक पुलिस आयुक्त भी हैं, कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से उनकी मौत के असली कारण की पुष्टि हो पाएगी।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और धर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया। चूंकि वह उच्चायोग में कार्यरत एक विदेशी नागरिक थे, इसलिए इस प्रक्रिया में सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन किया गया। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, नरेन धर पंजाब के चंडीगढ़ के रहने वाले थे।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग या चट्टोग्राम स्थित सहायक उच्चायोग ने अभी तक धर की मौत पर कोई टिप्पणी नहीं की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर अब तक कोई बयान नहीं दिया है। वहीं चट्टोग्राम मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उपायुक्त (उत्तरी क्षेत्र) अमिरुल इस्लाम ने ‘द डेली स्टार’ को बताया कि इस घटना के संबंध में ‘अप्राकृतिक मौत’ का मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद धर का पार्थिव शरीर भारत के सहायक उच्चायोग के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
