जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी
जम्मू, 30 अप्रैल। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी 20-कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन सेवा आम जनता के लिए दो मई से शुरू होगी। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
Seamless connectivity strengthening Jammu & Kashmir’s growth journey! 🇮🇳
Flagged off the newly extended 20-coach Vande Bharat Express from Jammu to Srinagar, along with Chief Minister of J&K @OmarAbdullah Ji and Union Minister @DrJitendraSingh Ji. pic.twitter.com/bnTRaDwlaY
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) April 30, 2026
सीएम उमर अब्दुल्ला बोले – जम्मू-कश्मीर में विकास का नया दौर शुरू
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह नई सेवा इस क्षेत्र के विकास में एक परिवर्तनकारी दौर की शुरुआत है क्योंकि यह जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच निर्बाध और हर मौसम में बनी रहने वाली कनेक्टिविटी को बेहतर बनाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

वहीं जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ‘जम्मू रेलवे स्टेशन पर 20 कोच वाली नई वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई। यह इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को एक बड़ी मजबूती देगा। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘20 कोचों का जोड़ा जाना आधुनिक, हाई-स्पीड रेल यात्रा की बढ़ती मांग को दर्शाता है और जम्मू-कश्मीर में यात्रियों की क्षमता, आराम और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।’
Flagged off the newly augmented 20-coach #VandeBharatExpress at #Jammu Railway Station, marking a significant boost to rail connectivity in the region, along with Union Minister of Railways Shri @AshwiniVaishnaw, Chief Minister of Jammu and Kashmir Shri @OmarAbdullah, and other… pic.twitter.com/TLC6POxEoM
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) April 30, 2026
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘जम्मू और कश्मीर की जुड़वां राजधानियों को जोड़ने वाली सीधी ट्रेन की शुरुआत एक लंबे समय से प्रतीक्षित मील का पत्थर है। इससे कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा, जिससे घाटी और जम्मू के बीच यात्रा और भी ज्यादा सुविधाजनक और आरामदायक हो जाएगी।”
यह सीधी ट्रेन सेवा पर्यटन को बढ़ावा देगी, दोनों शहरों के बीच यात्रा समय भी बचेगा
जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई यह सीधी ट्रेन सेवा पर्यटन को बढ़ावा देगी, दोनों शहरों के बीच यात्रा समय कम करेगी, और खराब मौसम में अक्सर बंद रहने वाले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक भरोसेमंद विकल्प भी बनेगी। इससे पहले छह जून, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा से श्रीनगर के बीच इस सेवा का उद्घाटन किया था, जिसे अब जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक बढ़ा दिया गया है।
करीब 70 वर्षों से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना अधूरा था। इसे पूरा करने के लिए 43,780 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में हुई थी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे परियोजनाओं में गिना जाता है।
कश्मीर घाटी में पहली बार अक्टूबर, 2008 में शुरू हुई थी ट्रेन सेवा
कश्मीर घाटी में पहली बार अक्टूबर, 2008 में ट्रेन सेवा शुरू हुई थी जबकि 2005 में ट्रेन उधमपुर तक पहुंची थी। पीर पंजाल पर्वतमाला के बीच रेल लाइन बिछाना भारतीय रेलवे के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती रही है। गुरुवार को 20 कोच वाली आधुनिक वंदे भारत ट्रेन ने जम्मू तवी से अपनी पहली यात्रा शुरू की और कठिन पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए श्रीनगर तक पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, उसी समय श्रीनगर से जम्मू के लिए भी एक ट्रेन रवाना की गई।
मंगलवार को छोड़ सप्ताह में 6 दिन यह ट्रेन चलेगी
इस सेवा की शुरुआत से पहले मंगलवार को जम्मू से माता वैष्णो देवी कटरा के बीच ट्रायल रन भी किया गया था। यह ट्रेन 267 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और सप्ताह में छह दिन चलेगी। मंगलवार को इस रूट पर कोई सेवा नहीं होगी।
36 सुरंगों वाला उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक का निर्माण
इस परियोजना के तहत उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक का निर्माण किया गया है, जिसमें 36 सुरंगें (119 किमी) और 943 पुल शामिल हैं। जम्मू तवी, कटरा, उधमपुर और बडगाम स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है।
