पाकिस्तान : आशा भोसले के निधन की खबर प्रसारित करते समय ‘भारतीय विषय-वस्तु’ चलाने के लिए टीवी चैनल जियो न्यूज को नोटिस
लाहौर, 13 अप्रैल। पाकिस्तान की मीडिया नियामक संस्था ने सोमवार को एक प्रमुख समाचार चैनल जियो न्यूज को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी की क्योंकि उसने भारत की महान गायिका आशा भोसले के निधन की खबर प्रसारित करते समय ‘भारतीय विषय-वस्तु’ चलाई। पाकिस्तान में भारतीय विषय-वस्तु पर प्रतिबंध 2018 से लागू है।
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने जियो न्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उसने भोसले की मौत की खबर के साथ भारतीय सामग्री क्यों प्रसारित की। यह प्रमुख समाचार चैनल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान का करीबी माना जाता है।
जियो न्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘प्रतिष्ठित कलाकारों के बारे में रिपोर्टिंग करते समय उनके कार्यों को याद करना और उनकी सराहना करना हमेशा से एक परंपरा रही है। वास्तव में, आशा भोसले जैसी कलाकार के लिए, हमें उनके कालजयी और यादगार गीतों को और भी अधिक साझा करना चाहिए था। फिर भी, पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक ने इसे प्रतिबंधित करने का विकल्प चुना है।’
PEMRA has issued a show-cause notice to Geo News for airing content related to the legendary subcontinent singer Asha Bhosle.
It has always been customary to revisit and celebrate the work of iconic artists when reporting on them. In fact, for an artist of Asha Bhosle’s stature,… pic.twitter.com/AuhFPyGZCL— Azhar Abbas (@AzharAbbas3) April 13, 2026
अब्बास ने कहा कि कला, ज्ञान की तरह, मानवता की साझी विरासत है और इसे सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। आशा भोसले स्वयं पाकिस्तान की दिग्गज गायिका नूरजहां की प्रशंसक थीं, जिन्हें वह स्नेहपूर्वक अपनी ‘बड़ी बहन’ कहती थीं। उन्होंने नुसरत फतेह अली खान के साथ मिलकर नासिर काज़मी जैसे महान उर्दू कवियों की कविताओं को जीवंत किया।
पीईएमआरए ने कहा कि भोसले की मौत की खबर प्रसारित करते समय जियोन्यूज द्वारा भारतीय गाने और भारतीय फिल्मों के दृश्य प्रसारित करना, पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का जान बूझकर उल्लंघन है जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
