निर्वाचन आयोग का सख्त निर्देश : ‘साइलेंस पीरियड’ में प्रचार और एग्जिट पोल पर पूरी तरह रोक
नई दिल्ली, 2 अप्रैल। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इसी माह प्रस्तावित छह राज्यों में विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर मीडिया व राजनीतिक दलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान से पहले निर्धारित ‘साइलेंस पीरियड’ के दौरान किसी भी तरह के चुनावी प्रचार या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसारण पर पूरी तरह रोक रहेगी।
इन राज्यों में होने हैं चुनाव
आयोग ने पिछले माह 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के साथ गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा की 8 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी।
48 घंटे पहले लागू होता है साइलेंस पीरियड
ECI के अनुसार जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126(1)(बी) के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो जाता है। इस दौरान टीवी, रेडियो या अन्य किसी भी माध्यम से चुनाव से जुड़ी ऐसी सामग्री प्रसारित नहीं की जा सकती, जो मतदाताओं को प्रभावित करे।
चुनावी राज्यों में साइलेंस पीरियड की समयसीमा
असम में नौ अप्रैल को मतदान होगा, जहां साइलेंस पीरियड सात अप्रैल शाम पांच बजे से नौ अप्रैल शाम पांच बजे तक रहेगा। केरल और पुडुचेरी में भी नौ अप्रैल को मतदान है और यहां सात अप्रैल शाम छह बजे से नौ अप्रैल शाम छह बजे तक यह लागू रहेगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी, जहां 21 अप्रैल शाम छह बजे से 23 अप्रैल शाम छह बजे तक साइलेंस पीरियड रहेगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहला 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को। पहले चरण के लिए 21 अप्रैल शाम छह बजे से 23 अप्रैल शाम छह बजे तक और दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल शाम छह बजे से 29 अप्रैल शाम छह बजे तक साइलेंस पीरियड लागू रहेगा।
ओपिनियन पोल और कंटेंट पर भी रोक
आयोग ने मीडिया संस्थानों को निर्देश दिया है कि इस अवधि में प्रसारित किसी भी कार्यक्रम में ऐसी सामग्री, विचार या अपील शामिल न हो, जो किसी दल या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में माहौल बनाए। इसमें ओपिनियन पोल का प्रसारण भी शामिल है।
9 अप्रैल, सुबह 7 बजे से 29 अप्रैल, शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर सख्त प्रतिबंध
आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार धारा 126ए के तहत नौ अप्रैल सुबह सात बजे से 29 अप्रैल शाम 6.30 बजे तक किसी भी तरह का एग्जिट पोल करना या उसके नतीजे प्रकाशित करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
उल्लंघन पर 2 वर्ष तक सजा व जुर्माने का प्रावधान
EC ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही सभी मीडिया संस्थानों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
