hindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Reading: सुप्रीम कोर्ट ने पलटा इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद फैसला, कहा- पायजामे का नाड़ा खोलना रेप का प्रयास
Share
  • ગુજરાતી
  • English
Font ResizerAa
hindi.revoi.inhindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
Search
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Follow US
hindi.revoi.in > Blog > हिन्दी > राष्ट्रीय > सुप्रीम कोर्ट ने पलटा इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद फैसला, कहा- पायजामे का नाड़ा खोलना रेप का प्रयास
राष्ट्रीयहिन्दी

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद फैसला, कहा- पायजामे का नाड़ा खोलना रेप का प्रयास

Revoi Editor
Last updated: February 18, 2026 12:34 pm
Revoi Editor
Published: February 18, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली, 18 फरवरी। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के विवादास्पद फैसला रद करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि ‘किसी महिला को गलत तरीके से छूना और उसके पायजामे का नाड़ा खोलना रेप का प्रयास माना जाएगा।’ हाई कोर्ट के फैसले में इस अपराध को रेप का प्रयास नहीं बल्कि रेप की तैयारी बताया गया था। शीर्ष अदालत ने इसी क्रम में न्यायिक प्रक्रियाओं में संवेदनशीलता लाने के लिए समिति को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला 17 मार्च, 2025 को आया था। अदालत के इस फैसले पर काफी हंगामा मचा, NGO ‘We the Women’ की संस्थापक अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता के एक लेटर के बाद सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले पर संज्ञान लिया। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने मंगलवार को हाई कोर्ट के फैसले को रद कर दिया है। बेंच ने इसी क्रम में पॉक्सो एक्ट के तहत दो आरोपितों पर रेप की कोशिश का सख्त आरोप फिर से लगा दिया।

शीर्ष अदालत की टिप्पणी

NGO की अध्यक्ष शोभा गुप्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने बेंच के समक्ष यौन अपराधों के मामले में महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता दिखाने की अपील की थी। इस पर बेंच ने कहा, ‘किसी भी जज या अदालत से पूर्ण न्याय कि उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती, जब तक वह किसी वादी की वास्तविकताओं और अदालत में आते समय उनको किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, उनके प्रति असंवेदनशील हो।’

जजों को दया और सहानुभूति का माहौल बनाना चाहिए : CJI

CJI सूर्यकांत ने अपने फैसले में लिखा कि जजों को सिर्फ संवैधानिक और कानूनी सिद्धांतों को सही ढंग से लागू करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि दया और सहानुभूति का माहौल भी बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों चीजों के बिना, न्यायिक संस्थाएं अपने काम ठीक से नहीं कर पाएंगी। बेंच ने यह भी कहा, ‘कानूनी प्रक्रिया में हमारे फैसलों में, चाहे वह आम नागरिकों के लिए प्रक्रिया तय करना हो या किसी मामले में अंतिम फैसला देना हो, दया, मानवता और समझदारी दिखनी चाहिए। ये एक निष्पक्ष और प्रभावी न्याय व्यवस्था बनाने के लिए बहुत जरूरी है।

नए दिशा-निर्देश नहीं जारी करेगा सुप्रीम कोर्ट

सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जजों को संवेदनशील बनाने के लिए सिद्धांत तय किए गए हैं, इसलिए वह नए सिरे से कोई दिशा-निर्देश बनाने के बजाय मौजूदा सिद्धांतों पर ही आगे बढ़ेगा।

जजों में कैसे लाई जाए संवेदनशीलता, SC ने मांगी रिपोर्ट

शीर्ष कोर्ट ने इसी क्रम में नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी के निदेशक जस्टिस अनिरुद्ध बोस से एक विशेषज्ञों की समिति बनाने का अनुरोध किया है। यह समिति यौन अपराधों और अन्य संवेदनशील मामलों में जजों और न्यायिक प्रक्रियाओं में संवेदनशीलता और दया कैसे लाई जाए, इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।

बेंच ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि ये दिशा-निर्देश भारी-भरकम और विदेशी भाषाओं से लिए गए कठिन शब्दों से भरे नहीं होंगे।’ इसी पीठ ने पहले तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की ‘Handbook on Combating gender Stereotypes’ को भी हार्वर्ड-ओरिएंटेड यानि बहुत ज्यादा अकादमिक और विदेशी शैली का बताया था।

You Might Also Like

राज ठाकरे की चेतावनी – ‘पहली कक्षा से हिन्दी अनिवार्य की गई तो स्कूलों को बंद कराने में संकोच नहीं करेंगे’
मानसून सत्र का छठा दिन आज, लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे होगी बहस, सरकार ने की बड़ी तैयारी
निर्वाचन आयोग ने कहा – वोटर कार्ड के एक जैसे नंबर का मतलब यह नहीं कि मतदाता फर्जी हैं
ICC टी20 विश्व कप : टीम इंडिया ने तीसरी खिताबी सफलता से रचे कई इतिहास, फाइनल में न्यूजीलैंड 96 रनों से पिटा
किसान का बेटा हूं, कांग्रेस के गुंडों से डरने वाला नहीं : सतीश पूनियां
TAGGED:Allahabad high courtcontroversial decision overturnedSupreme Court
Share This Article
Facebook Email Print
Popular News
उत्तरप्रदेशदेश-विदेशमहत्वपूर्ण कहानियांराज्यराष्ट्रीयहिन्दी

Sawan Somwar 2026: यूपी के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजे मंदिर

August 10, 2026

सलमान खान के घर के बाहर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की मौत, हार्ट अटैक की आशंका

Dindori Rain: भारी बारिश से डिंडोरी में हाहाकार, नर्मदा का जलस्तर बढ़ा; दो पुल डूबे, स्कूल बंद

India-Cyprus Agreement : भारतीय कामगारों के लिए बड़ी पहल, भारत-साइप्रस माइग्रेशन समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर

IIT Delhi Convocation: PM मोदी आज आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल, ‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटिंग सेंटर का करेंगे उद्घाटन

Stock Market : सेंसेक्स-निफ्टी की सपाट शुरुआत, बाजार में हल्की तेजी; जानें सपोर्ट-रेजिस्टेंस

PM Modi से नरेंदर ने सुनाया पाकिस्तानी बॉक्सर का मजेदार किस्सा, बोले- ‘नरेंदर नाम से नफरत हो गई’

रिजिजू का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में नहीं होनी चाहिए दिक्कत

मायावती का सपा पर हमला, बोलीं- ‘PDA’ में पिछड़े से अब ‘पंडित’ तक पहुंची राजनीति

मायावती का भाजपा और आप पर हमला, बोलीं- ‘संत रविदास के नाम पर राजनीति से समाज रहे सतर्क’

Ad imageAd image

लोकप्रिय श्रेणियां

  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • चुनाव
  • कारोबार
  • देश-विदेश
  • बॉलीवुड
  • मनोरंजन
  • व्यापार

About US

REVOI is a independent media start-up. We are a new-age media company with a rich and storied legacy. REVOI believes : “INFACT EVERY PERSON ON THIS EARTH IS ARGUABLY A STAKEHOLDER IN EVERY ORGANISATION ON THIS PLANET”
Quick Link
  • ગુજરાતી
  • English
Top Categories

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    © 2026 Trim Media Private Limited. All Rights Reserved.
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?