विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से की मुलाकात
नई दिल्ली, 4 फरवरी। अमेरिकी दौरे पर गए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिसमें भारत-अमेरिका रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर व्यापक चर्चा हुई।
डॉ. जयशंकर ने मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘आज दोपहर अमेरिकी सीनेटर रुबियो से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमारी द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा व क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और टेक्नोलॉजी शामिल थे। अपने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मैकेनिज्म की जल्द मीटिंग्स पर सहमति बनी।’
Delighted to meet US @SecRubio this afternoon.
A wide ranging conversation that covered our bilateral cooperation agenda, regional and global issues.
Facets of India – US Strategic Partnership discussed included trade, energy, nuclear, defence, critical minerals and… pic.twitter.com/1rbXJHgEQY
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 3, 2026
इससे पहले, एस. जयशंकर ने वॉशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से भी मुलाकात की। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में स्कॉट बेसेंट के साथ मुलाकात की तस्वीर शेयर की। विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘वाशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मिलकर खुशी हुई। भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई।’
Pleased to meet US Treasury Secretary Scott Bessent in Washington DC today. @SecScottBessent
Had a useful discussion on advancement of India – US economic partnership and strategic cooperation.
🇮🇳 🇺🇸 pic.twitter.com/tfNMpTT8wH
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 3, 2026
विदेश विभाग के एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण पर द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर चर्चा की। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का एक केंद्रीय स्तंभ बनकर उभरा है।
यह बैठक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बाधाओं को कम करने और बाजार पहुंच का विस्तार करने के उद्देश्य से एक व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुई। बयान में कहा गया है कि सेक्रेटरी रुबियो और विदेश मंत्री जयशंकर ने समझौते का स्वागत किया। उन्होंने नए आर्थिक अवसरों को खोलने और साझा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों लोकतंत्रों के एक साथ काम करने के महत्व पर जोर दिया।
चर्चा में साझेदारी के क्षेत्रीय और बहुपक्षीय आयामों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। रुबियो और जयशंकर ने सुरक्षा संवाद के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए अपनी बैठक समाप्त की। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
