hindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Reading: ब्रिटिश शोधकर्ताओं की उपलब्धि : फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान में मदद करेगा नया ब्लड टेस्ट
Share
  • ગુજરાતી
  • English
Font ResizerAa
hindi.revoi.inhindi.revoi.in
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
Search
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारोबार
  • राज्य
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मध्यप्रदेश
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • खेल
Follow US
hindi.revoi.in > Blog > हिन्दी > स्वास्थ्य देखभाल > ब्रिटिश शोधकर्ताओं की उपलब्धि : फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान में मदद करेगा नया ब्लड टेस्ट
स्वास्थ्य देखभालअंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयहिन्दी

ब्रिटिश शोधकर्ताओं की उपलब्धि : फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान में मदद करेगा नया ब्लड टेस्ट

Revoi Editor
Last updated: December 17, 2025 2:04 pm
Revoi Editor
Published: December 17, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली, 17 दिसम्बर। ब्रिटिश शोधकर्ताओं की एक टीम ने नया और उन्नत ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जिससे फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) की पहचान और उसकी निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी। इससे बीमारी की पहचान में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों के इलाज के नतीजे बेहतर हो सकेंगे।

FT-IR माइक्रोस्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का किया उपयोग

शोधकर्ताओं ने फूरियर ट्रांसफॉर्म इंफ्रारेड (FT-IR) माइक्रोस्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का उपयोग करते हुए मरीज के खून में मौजूद लंग कैंसर की एक अकेली कोशिका तक की पहचान कर ली। यह तकनीक उन्नत इंफ्रारेड स्कैनिंग तकनीक और कंप्यूटर विश्लेषण को मिलाकर काम करती है। इसमें कैंसर कोशिकाओं की खास रासायनिक पहचान (केमिकल फिंगरप्रिंट) पर ध्यान दिया जाता है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ऑफ नॉर्थ मिडलैंड्स NHS ट्रस्ट (UHNM), कील यूनिवर्सिटी और लफबरो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दी।

भविष्य में अन्य कई प्रकार के कैंसर की जांच में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा

अध्ययन के प्रमुख लेखक और UHNM में ऑन्कोलॉजी के एसोसिएट स्पेशलिस्ट प्रोफेसर जोसेप सुले-सुसो ने कहा कि यह तरीका मरीजों को जल्दी जांच, व्यक्तिगत इलाज और कम इनवेसिव प्रक्रियाओं में मदद कर सकता है। भविष्य में इसे लंग कैंसर के अलावा अन्य कई प्रकार के कैंसर में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

शोध के अनुसार, सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स (CTCs) वे कैंसर कोशिकाएं होती हैं, जो ट्यूमर से अलग होकर खून के जरिए शरीर में घूमती हैं। ये कोशिकाएं यह समझने में मदद करती हैं कि बीमारी किस तरह आगे बढ़ रही है और इलाज कितना असरदार है। यही कोशिकाएं कैंसर के फैलने (मेटास्टेसिस) का कारण भी बन सकती हैं।

CTCs की पहचान के मौजूदा तरीके जटिल, महंगे और समय लेने वाले

वर्तमान में CTCs की पहचान के तरीके जटिल, महंगे और समय लेने वाले होते हैं। कई बार ये तरीके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने में असफल भी हो जाते हैं क्योंकि खून में घूमते समय ये कोशिकाएं अपनी विशेषताएं बदल लेती हैं।

नई तकनीक में खून के सैंपल पर इंफ्रारेड किरणें डाली जाती हैं, जो टीवी रिमोट की रोशनी जैसी होती हैं, लेकिन कहीं ज्यादा शक्तिशाली होती हैं। अलग-अलग रसायन इंफ्रारेड रोशनी को अलग तरीके से अवशोषित करते हैं और CTCs का एक खास अवशोषण पैटर्न होता है, जिसे उनका केमिकल फिंगरप्रिंट कहा जाता है। कंप्यूटर के जरिए इस डेटा का विश्लेषण कर यह जल्दी पता लगाया जा सकता है कि खून में कैंसर कोशिकाएं मौजूद हैं या नहीं।

नई तकनीक मौजूदा तरीकों की तुलना में सरल और कम खर्चीली

Applied Spectroscopy जर्नल में प्रकाशित यह तकनीक मौजूदा तरीकों की तुलना में सरल और कम खर्चीली है। इसमें पैथोलॉजी लैब में पहले से इस्तेमाल होने वाली साधारण कांच की स्लाइड्स का उपयोग किया जाता है, जिससे इसे रोजमर्रा की चिकित्सा प्रक्रिया में अपनाना आसान हो जाता है। शोधकर्ता अब इस तकनीक को बड़े मरीज समूहों पर आजमाने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य एक ऐसा तेज और ऑटोमेटेड ब्लड टेस्ट विकसित करना है, जिसे कैंसर के इलाज की प्रक्रिया में आसानी से शामिल किया जा सके।

You Might Also Like

स्लोवाकिया में पीएम मोदी से मिलकर बोले भारतीय प्रवासी व स्थानीय कलाकार- सम्मानित महसूस किया…
सुप्रीम कोर्ट ने न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को बताया अवैध, रिहा करने का आदेश
राज्यसभा चुनाव : हरियाणा का किला नहीं बचा पाई कांग्रेस, अजय माकन हारे
अभिनेत्री जयाप्रदा का सियासी प्रहार – आजम खान का खेल खत्म, पापों की सजा तो भुगतनी ही होगी
‘अनुपमा’ फेम टीवी एक्ट्रेस रूपाली गांगुली भाजपा में शामिल, बोलीं – ‘पीएम मोदी ने मुझे बहुत प्रभावित किया है’
TAGGED:British researchers' achievementearly detection of lung cancerNew blood test will help
Share This Article
Facebook Email Print
Popular News
Mayavati
उत्तरप्रदेशमहत्वपूर्ण कहानियांराजनीतिराज्यराष्ट्रीयहिन्दी

मायावती का भाजपा और आप पर हमला, बोलीं- ‘संत रविदास के नाम पर राजनीति से समाज रहे सतर्क’

August 10, 2026

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में धांधली के खिलाफ विधानसभा मार्च आज, रांची में कड़ी सुरक्षा

Weather Update : देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में जलभराव से बिगड़े हालात

Weather Alert : MP-UP समेत 5 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

रिजिजू का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में नहीं होनी चाहिए दिक्कत

India-Cyprus Agreement : भारतीय कामगारों के लिए बड़ी पहल, भारत-साइप्रस माइग्रेशन समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर

Dindori Rain: भारी बारिश से डिंडोरी में हाहाकार, नर्मदा का जलस्तर बढ़ा; दो पुल डूबे, स्कूल बंद

अमरनाथ यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित:बालटाल एवं पहलगाम मार्गों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त

PM Modi Subhashit : पीएम मोदी ने शेयर किया संस्कृत श्लोक, सत्य और जनहितकारी सूचना का दिया संदेश

FCRA Amendment Bill 2026: भारत ने विदेशी फंडिंग पर कानून को लेकर दूर की गलतफहमी, क्वात्रा बोले- NGO का काम नहीं होगा बंद

Ad imageAd image

लोकप्रिय श्रेणियां

  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • राज्य
  • चुनाव
  • कारोबार
  • देश-विदेश
  • बॉलीवुड
  • मनोरंजन
  • व्यापार

About US

REVOI is a independent media start-up. We are a new-age media company with a rich and storied legacy. REVOI believes : “INFACT EVERY PERSON ON THIS EARTH IS ARGUABLY A STAKEHOLDER IN EVERY ORGANISATION ON THIS PLANET”
Quick Link
  • ગુજરાતી
  • English
Top Categories

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    © 2026 Trim Media Private Limited. All Rights Reserved.
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?