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नम आंखों से दी गई देश के ‘अमूल्य रत्न’ को अंतिम विदाई, राजकीय सम्मान के साथ रतन टाटा का अंतिम संस्कार

मुंबई, 10 अक्टूबर। भारतीय उद्योग जगत के ‘अमूल्य रत्न’, देश के सबसे बड़े कारोबारी ट्रस्‍ट टाटा समूह के मानद चेयरमैन और परोपकारी रतन टाटा को आज शाम यहां नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। 86 वर्षीय दिवंगत प्रतिष्ठित उद्योगपति का मध्य मुंबई में वर्ली स्थित श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार से पहले रतन टाटा का पार्थिव शरीर दक्षिण मुंबई स्थित एनसीपीए में अंतिम दर्शन के लिए पूर्वाह्न 10.30 बजे से अपराह्न 3.55 बजे तक रखा गया था, जहां विभिन्न वर्गों के हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर राष्ट्रीय प्रदर्शन कला संस्थान (NCPA) और फिर श्मशान घाट तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। वर्ली श्मशान घाट पर मुंबई पुलिस ने रतन टाटा को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। शवदाह गृह में रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा समेत उनके परिवार के सदस्य और टाटा समूह के अध्यक्ष एन, चंद्रशेखरन समेत शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्रीद्व देवेंद्र फडणवीस व अजित पवार, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सहित विभिन्न दलों के राजनेता, कारोबारी, खेल व मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित थे।

महाराष्ट्र, गुजरात व झारखंड में एक दिन का राजकीय शोक

गौरतलब है कि वृद्धावस्था की बीमारियों से पीड़ित रतन टाटा ने बुधवार को देर रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। महाराष्ट्र, झारखंड व गुजरात सरकारों ने टाटा के निधन पर आज एक दिन के राजकीय शोक का भी एलान कर रहा था।

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