लखनऊ, 6 अक्टूबर। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी ली जाती है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार की जाने वाली हिंदू कालगणना पद्धति है। आइए जानते हैं 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार का पंचांग और दिनभर के शुभ-अशुभ समय के बारे में।
6 अक्टूबर को एकादशी तिथि
6 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रात 12:34 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। मंगलवार को सूर्योदय सुबह 6:24 बजे और सूर्यास्त शाम 6:06 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:58 बजे और चंद्रास्त दोपहर 3:25 बजे होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे। हस्त नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में 13वां नक्षत्र माना गया है। इसका अर्थ ‘हाथ’ होता है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में रहने का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ सकता है।
सिद्ध योग में सेवा का महत्व
मंगलवार को सुबह 7:19 बजे तक सिद्ध योग रहेगा। वैदिक पंचांग के 27 नित्य योगों में सिद्ध योग को शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में गुरु-शिष्य संबंध और निस्वार्थ सेवा का विशेष महत्व होता है। सेवा भाव से किए गए कार्य मन में प्रेम और अनासक्ति को बढ़ाने वाले माने जाते हैं।
अभिजीत मुहूर्त
6 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा। इसे दिन के सबसे शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ती है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
रात में रहेगा अमृतकाल
मंगलवार को रात 8:44 बजे से 10:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा। पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह शुभ और सकारात्मक समय माना जाता है। इस अवधि में पूजा-पाठ, महत्वपूर्ण कार्य, यात्रा, नए व्यापार या निवेश जैसे कार्य करना शुभ माना जाता है।
राहुकाल में न करें शुभ कार्य
6 अक्टूबर को राहुकाल दोपहर 3:10 बजे से शाम 4:38 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में राहुकाल को नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि, इस दौरान पहले से शुरू किए गए कार्यों को जारी रखा जा सकता है। राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है।
गुलिक काल और यमगंड
मंगलवार को गुलिक काल दोपहर 12:15 बजे से 1:42 बजे तक रहेगा। वहीं, यमगंड काल सुबह 9:19 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन अवधियों में नए काम की शुरुआत करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से यमगंड के दौरान नई यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य शुरू न करने की सलाह दी जाती है।
कन्या राशि में सूर्य, कर्क में चंद्रमा
इस दिन सूर्य कन्या राशि में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कन्या राशि में सूर्य की स्थिति व्यक्ति को व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिए प्रेरित कर सकती है। वहीं, चंद्रमा रात 10:17 बजे तक कर्क राशि में रहेगा। कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए अपनी ही राशि में चंद्रमा की स्थिति को ज्योतिष में विशेष माना जाता है। इससे भावनात्मक संवेदनशीलता और कल्पनाशक्ति के बढ़ने की मान्यता है।
उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल
मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा तथा ईशान कोण में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिशाशूल वाली दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए किसी महत्वपूर्ण यात्रा से पहले दिशाशूल का विचार करने की परंपरा है।


