काठमांडू, 29 अगस्त। तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में गत 26 अगस्त को अचानक आई भयानक बाढ़ में अब तक लगभग 650 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 320 भारतीय हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं और अधिकारी आगे के खतरों को लेकर भी सतर्क हैं।
इस तबाही के बीच धाडिंग में एक अजीब घटना सामने आई, जब बाढ़ के पानी में बहकर आया एक बैंक लॉकर त्रिशूली नदी के किनारे मिला, जिसके बाद उसमें रखे कैश लूटने के लिए लोगों में होड़ मच गई। पुलिस ने इस मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 92 लाख नेपाली रुपये से ज़्यादा बरामद किए हैं। यह रकम भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये के बराबर है।
बाढ़ में बह गया बैंक लॉकर
यह घटना तब हुई, जब बाढ़ का पानी रसुवा से एक बैंक लॉकर बहा ले गया। यह लॉकर बहते हुए धाडिंग जिले की गल्छी रूरल म्युनिसिपैलिटी-4 में बेलखुखोला के पास त्रिशूली नदी के किनारे जा पहुंचा। लॉकर मिलने के बाद लोग उसमें से कैश निकालने लगे, जिससे पैसे के लिए अफरातफरी मच गई। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों से कुल 92,68,505 नेपाली रुपये (भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये) बरामद किए गए। पुलिस बरामद पैसे के स्रोत और इसमें किसी और के शामिल होने की संभावना की जांच कर रही है।
बाढ़ के बाद नेपाल पर अब भी खतरा
भयानक बाढ़ के बाद नेपाल पर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेंडे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी एक झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है। चीन ने पानी का रंग बदलने पर भी चिंता जताई है और इसे खतरे का संभावित संकेत बताया है।
नदी के बहाव की दिशा में नीचे की ओर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है जबकि अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब नेपाल बाढ़ के व्यापक असर से जूझ रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है।
बचाव अभियान जारी, अब तक 4500 से ज्यादा लोगों को बचाया गया
पूरे नेपाल में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान अब भी चल रहे हैं। सेना ने रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को बचाया है। अब तक 4,500 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है जबकि लगभग 2,500 लोग अब भी लापता हैं।
नेपाल सरकार ने पहले कहा था कि किसी बड़े खतरे की तत्काल आशंका नहीं है। हालांकि, बचाव अभियान जारी हैं क्योंकि अधिकारी लापता लोगों का पता लगाने और बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए काम कर रहे हैं।


