लखनऊ, 27 अगस्त। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या निवेश से पहले तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी के लिए पंचांग देखा जाता है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति के आधार पर हिंदू कालगणना की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। 27 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 9:09 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में सुबह 9:09 बजे के बाद भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसी दिन हयग्रीव जयंती भी मनाई जाएगी। विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार की आराधना को विशेष महत्व दिया जाता है।
27 अगस्त 2026 का सूर्योदय और चंद्रोदय
पंचांग के अनुसार, 27 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:11 बजे और सूर्यास्त शाम 6:45 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय शाम 6:22 बजे होगा और अगले दिन सुबह 6:02 बजे चंद्रास्त होगा। इस दिन सूर्य मघा नक्षत्र में और चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में स्थित रहेगा। सूर्य सिंह राशि में, जबकि चंद्रमा मकर राशि में रहेगा।
शुभ योग और मुहूर्त
27 अगस्त को सुबह 7:54 बजे तक शोभन योग रहेगा। इसके बाद अतिगंड योग शुरू होगा। दिन में अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 3:12 बजे से शाम 4:54 बजे तक रहेगा। शुभ कार्यों के लिए इन मुहूर्तों को ध्यान में रखा जा सकता है।
27 अगस्त का राहुकाल और अशुभ समय
पंचांग के अनुसार, गुरुवार को राहुकाल दोपहर 2:02 बजे से 3:37 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की परंपरा है।
गुलिक काल: सुबह 9:19 बजे से 10:54 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 6:11 बजे से 7:45 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 2:02 बजे से 3:37 बजे तक
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन अवधियों में महत्वपूर्ण नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
27 अगस्त को किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?
गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहने की मान्यता है। ज्योतिष और वास्तु परंपराओं के अनुसार, इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारणवश दक्षिण दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो, तो प्रचलित ज्योतिषीय उपायों के बाद यात्रा शुरू करने की मान्यता है।
27 अगस्त 2026 पंचांग: एक नजर में
- दिन: गुरुवार
- तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी सुबह 9:09 बजे तक, इसके बाद पूर्णिमा
- विशेष पर्व: हयग्रीव जयंती, पूर्णिमा
- सूर्योदय: सुबह 6:11 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:45 बजे
- चंद्रोदय: शाम 6:22 बजे
- चंद्रास्त: अगले दिन सुबह 6:02 बजे
- नक्षत्र: मघा (सूर्य), धनिष्ठा (चंद्रमा)
- राशि: सूर्य सिंह, चंद्रमा मकर
- शोभन योग: सुबह 7:54 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:53 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 3:12 से 4:54 बजे तक
- राहुकाल: दोपहर 2:02 से 3:37 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:19 से 10:54 बजे तक
- यमगंड: सुबह 6:11 से 7:45 बजे तक
- दिशाशूल: दक्षिण दिशा


