जयशंकर ने ईरान व इजराइल के विदेश मंत्रियों से की बात, संयम बरतने व संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील की
नई दिल्ली, 28 फरवरी। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच भारत ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ाते हुए तनाव कम कराने की पहल की है। इस क्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को ईरान और इजराइल के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर उनसे तत्काल तनाव घटाने, संयम बरतने और संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील की।
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी काररवाई से क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत कर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Had a telecon with Iranian FM Seyed Abbas Araghchi this evening.
Shared India’s deep concern at the recent developments in Iran and the region. @araghchi— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 28, 2026
विदेश मंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने हालिया घटनाक्रम को लेकर अपनी गंभीर चिंता साझा की है और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत दोहराई है।
Spoke with Israeli FM Gideon Sa’ar this afternoon. Reiterate India’s call for dialogue and diplomacy to de-escalate tensions. @gidonsaar
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 28, 2026
इससे पहले जयशंकर ने इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत ने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर भी जोर दिया।
खाड़ी देशों में तनावपूर्ण हालात पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
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— PB-SHABD (@PBSHABD) February 28, 2026
वहीं विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र की तेजी से बदलती स्थिति चिंताजनक है और सभी पक्षों को संयम बरतते हुए नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। मंत्रालय ने सैन्य टकराव से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने की अपील की।
