वॉशिंगटन, 9 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया पैंतरा चलते हुए चीन को छोड़कर भारत सहित 75 देशों को नए टैरिफ से 90 दिनों के लिए राहत की घोषणा कर दी है। उन्होंने बुधवार को कहा कि वह बाजार में मंदी के बीच 90 दिनों के लिए अधिकतर देशों के टैरिफ को वापस ले रहे हैं। लेकिन चीन के टैरिफ को बढ़ा रहे हैं।
फिलहाल अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध लगातार गहराता जा रहा है। इस क्रम में ट्रंप ने ड्रैगन पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 104 फीसदी से बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया। दरअसल, चीन ने बुधवार को दिन में अमेरिका पर 84 फीसदी का जवाबी टैरिफ लगाया था, जिसके बाद ट्रंप ने चीन के खिलाफ टैरिफ फिर बढ़ाने की घोषणा कर दी।
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) April 9, 2025
अमेरिका और अन्य देशों से चीन की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं
ट्रंप ने कहा, ‘चीन ने दुनिया के बाजारों के प्रति सम्मान नहीं दिखाया है। इसके मद्देनजर मैं अमेरिका की ओर से चीन पर लगाए गए टैरिफ को 125 फीसदी तक बढ़ा रहा हूं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उम्मीद है कि चीन भविष्य में इस बात को समझेगा कि अब वह अमेरिका और अन्य देशों से धोखाधड़ी नहीं कर सकता। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
( @realDonaldTrump – Truth Social Post )
( Donald J. Trump – Apr 09, 2025, 1:18 PM ET )Based on the lack of respect that China has shown to the World’s Markets, I am hereby raising the Tariff charged to China by the United States of America to 125%, effective immediately. At… pic.twitter.com/9Jikp9cqpy
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उन्होंने आगे कहा, ‘इसके विपरीत, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि 75 से अधिक देशों ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधियों, वाणिज्य विभाग, ट्रेजरी विभाग से व्यापार, टैरिफ, मुद्रा हेरफेर और दूसरे व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए कहा है। इन देशों ने मेरी सलाह को मानते हुए अमेरिका के खिलाफ कोई काररवाई नहीं की है, इसलिए मैंने इन पर 90 दिनों के लिए टैरिफ बढ़ाने का फैसला रोक दिया है और इस दौरान टैरिफ 10 फीसदी तक घटा दिया है, जो तुरंत लागू होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’
ट्रंप चीन के खिलाफ काररवाई और तेज करेंगे – स्कॉट बेसेंट
कुल मिलाकर देखें तो पूरी दुनिया का व्यापार युद्ध अब अमेरिका और चीन के बीच सिमटता दिख रहा है। हालांकि, ट्रंप के गैर चीनी मुल्कों पर टैरिफ स्थगन की विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है। वहीं, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए पारस्पारिक टैरिफ को 90 दिनों के लिए रोक दिया है। हालांकि उन्होंने लगभग सभी वैश्विक आयात पर दस फीसदी टैरिफ बनाए रखा है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ट्रंप चीन के खिलाफ अपनी काररवाई को और तेज करेंगे।
टैरिफ में 90 दिनों के विराम की घोषणा से अमेरिकी बाजार में जबर्दस्त उछाल
इस बीच ट्रंप की ओर से ज्यादातर देशों पर टैरिफ में 90 दिनों के विराम की घोषणा के अमेरिकी शेयर बाजार में जबर्दस्त उछाल देखने को मिला। दोपहर तक के कारोबार में डाउ जोंस लगभग 3,100 अंकों यानी 8.22 फीसदी की छलांग लगा चुका था। वहीं, नैस्डैक में 1,858 अंकों यानी 12.16 फीसदी और एसएंडपी 500 में 459 अंकों या 9.22 फीसदी से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई थी।
चीन ने दिन में अमेरिका पर 84 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी
इससे पहले, ट्रंप प्रशासन की ओर से मंगलवार को लगाए गए अतिरिक्त 50 फीसदी टैरिफ का आक्रामक जवाब देते हुए चीन ने भी अमेरिकी आयात पर और 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया, जिससे अमेरिका पर चीन का अतिरिक्त टैरिफ 84 फीसदी पहुंच गया। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने सीमा शुल्क टैरिफ आयोग की बुधवार की घोषणा के हवाले से बताया कि चीन गुरुवार से अमेरिका से आयातित उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ बढ़ाकर 84 प्रतिशत कर देगा। आयोग ने कहा कि अमेरिका गलत रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और टैरिफ का फैसला चीन के वैध अधिकारों और हितों का गंभीर उल्लंघन करता है।
यूरोपीय संघ ने भी की टैरिफ लगाने की घोषणा
वहीं, यूरोपीय संघ (EU) ने भी 23 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने ट्रंप की ओर से संघ पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के जवाब में अमेरिकी आयात पर भारी-भरकम शुल्क लगाने के पक्ष में मतदान किया। ईयू के टैरिफ का कुछ हिस्सा 15 अप्रैल और कुछ 15 मई जबकि शेष एक दिसम्बर से प्रभावी होगा। हालांकि ईयू ने जिन सामान पर टैरिफ की घोषणा की है, वह अमेरिका-ईयू के बीच सालाना 1.8 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा हैं। दोनों पक्षों के बीच प्रतिदिन 4.4 अरब यूरो मूल्य के सामान का प्रशांत महासागर के जरिए व्यापार होता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान
हालांकि ईयू के कार्यकारी आयोग ने तत्काल उन वस्तुओं की सूची नहीं दी है, जिनपर ये शुल्क लगाया जाएगा। 27 देशों के समूह ईयू के सदस्यों ने व्यापार मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समझौते की अपनी प्राथमिकता दोहराई और कहा कि ईयू अमेरिकी टैरिफ को अनुचित और नुकसानदेह मानता है। इससे दोनों पक्षों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

