मुंबई, 20 अक्टूबर। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को लेकर जांच में नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक की खरीद-बिक्री और उसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने इस बाइक को 25 हजार रुपये में खरीदा था, लेकिन वाहन के दस्तावेजों में मालिकाना हक का हस्तांतरण नहीं हुआ था।
तीनों आरोपियों की पहचान सामने आई
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फूल सिंह नरेश, रेहान रहीउसुद्दीन अंसारी और ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, फूल सिंह नरेश और रेहान हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। दोनों की उम्र 18 साल बताई गई है। वहीं, 22 वर्षीय ऋतिक कुमार उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का निवासी है। बताया जा रहा है कि वह करीब चार साल पहले मुंबई आया था।
तीन लोगों के हाथों से गुजरी थी बाइक
जांच के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक का पहला मालिक मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में रहता था। उसने बाइक किसी दूसरे व्यक्ति को बेची, जिसने आगे इसे तीसरे मालिक को बेच दिया। आरोप है कि फायरिंग करने वालों ने इसी तीसरे मालिक से बाइक खरीदी थी। बताया जा रहा है कि बाइक की कीमत तीसरे मालिक को मिल चुकी थी, लेकिन वाहन के दस्तावेजों में नाम ट्रांसफर नहीं हुआ था। कागजी प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी किए जाने की बात कही जा रही है। मुंबई पुलिस ने बाइक के मालिक से पूछताछ की है और पिछले मालिकों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक की खरीद-बिक्री किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसे फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के इरादे से खरीदा गया था। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
गौरतलब है कि रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग उनकी कार के पास पहुंचे। आरोप है कि इनमें से दो लोगों ने कार पर गोलियां चलाईं, जबकि तीसरा बाइक चला रहा था। घटना में टाइगर श्रॉफ के हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आई, जबकि उनका ड्राइवर गोली लगने से घायल हो गया।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच के मुताबिक, आरोपी अंधेरी इलाके में बाइक छोड़ने के बाद ट्रेन से आगे निकले थे। मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान की कोटा पुलिस ने तीनों को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी जयपुर और दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


