उत्तरकाशी आपदा में मृतकों की संख्या 5 हुई, अब तक 413 लोगों को रेस्क्यू किया गया, राहत एवं बचाव अभियान जारी

उत्तरकाशी, 6 अगस्त। उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से आई प्राकृतिक आपदा के दौरान मृतकों की संख्या पांच जा पहुंची है। हादसे में अब भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं जबकि राहत एवं बचाव अभियान के बीच अब तक 413 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

सीएम धामी उत्तरकाशी में ही रुके

इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली में राहत एवं बचाव कार्यों की सघन निगरानी हेतु बुधवार को उत्तरकाशी में ही प्रवास करने का फैसला किया है। उन्होंने खुद X पोस्ट में यह जानकारी दी और बताया कि वह अधिकारियों के साथ बैठक कर रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार समीक्षा भी कर रहे हैं।

दरअसल, बादल फटने के बाद बड़े पैमाने पर बाढ़ व भूस्खलन की वजह से धराली एवं सुखी टॉप क्षेत्रों में व्यापक विनाश हुआ है। बचाव कार्य जोरों पर है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय सेना की टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने और लापता लोगों का पता लगाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं।

आईटीबीपी के प्रवक्ता कमलेश कमल ने चल रहे प्रयासों पर जानकारी देते हुए कहा, ‘धराली में आईटीबीपी की पांच टीमें हैं, जिनमें 130 जवान हैं। 100 से अधिक जवान रास्ते में हैं, और वे जल्द ही वहां पहुंच जाएंगे। हमने आज सुबह एक शव बरामद किया है और 100 से अधिक लोगों को बचाया गया है। आज, हमने संचार भी स्थापित कर लिया है, अब जब उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं, तो यह संभव है कि हम देखेंगे कि यह बचाव अभियान गति पकड़ेगा।

कमल ने आगे कहा, ‘मंगलवार को हमें जानकारी मिली थी कि किन्नौर जाने वाले रास्ते पर एक लकड़ी का मैक्सी-शिफ्ट पुल बह गया है। शुरुआती जानकारी में हमें पता चला है कि लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं, आज सुबह तक 413 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, सुबह से अब तक 57 लोगों को बचाया जा चुका है। जानकारी है कि वहां 100 और लोग फंसे हुए हैं। शाम तक उन्हें भी बचा लिया जाएगा। हमें जानकारी मिली है कि वहां एक व्यक्ति की मौत हो गई है।’

हर्षिल में सेना के भी लगभग 11 जवान लापता बताए जा रहे

एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने स्थिति की गंभीरता का विवरण देते हुए कहा कि प्राप्त सूचना के अनुसार, चार लोगों की मौत हो गई है और 50 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं। इसके अलावा, हर्षिल और सुखी टॉप में दो जगहों पर अचानक बाढ़ आने की भी खबर है। हर्षिल में सेना के लगभग 11 जवान लापता बताए जा रहे हैं। सुखी टॉप में कोई हताहत नहीं हुआ है।’

उन्होंने कहा, ‘ऋषिकेश-उत्तरकाशी राजमार्ग प्रभावित है, इसलिए आवाजाही बहुत धीमी है। कई जगहों पर सड़कें जाम होने के कारण टीमों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है। हमारी टीमें प्रभावित लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए देहरादून में तैयार हैं।’

सीएम धामी ने बाढ़ व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया

इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और धराली में बादल फटने और भूस्खलन के घटना स्थल पर स्थानीय लोगों से मुलाकात की, जिससे घरों और अन्य इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने अचानक आई बाढ़ का आकलन करने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) में आपदा प्रबंधन बैठक भी की।

सीएम धामी ने उत्तरकाशी के जोशियाड़ा हेलीपैड का भी दौरा किया और हाल ही में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान और चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। राज्य और केंद्र सरकारों के पूर्ण सहयोग से बचाव और राहत कार्य जारी हैं।

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