तेलंगाना : वन मंत्री कोंडा सुरेखा को बेटी की टिप्पणी भारी पड़ी, सीएम रेवंत रेड्डी ने मंत्रिमंडल से बाहर किया

हैदराबाद, 3 सितम्बर। तेलंगाना कांग्रेस में जारी विवाद के बीच वन मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी की टिप्पणी उनके लिए इस कदर भारी पड़ी कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को उन्हें मंत्रिमंडल से ही बाहर कर दिया। इस संबंध में राज्यपाल को सिफारिश भेज दी गई है।

मुख्यमंत्री रेड्डी का यह फैसला तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद आया। समिति की सिफारिश में कहा गया था कि हाल ही में मंत्री सुरेखा की बेटी की ओर से दिए गए विवादित बयानों को लेकर उनके खिलाफ काररवाई की जानी चाहिए।

चिन्ना रेड्डी भी अनुशासन तोड़ने के आरोप में प्लानिंग बोर्ड से हटाए गए

समिति ने इसके साथ ही चिन्ना रेड्डी को भी प्लानिंग बोर्ड के पद से हटाने की सिफारिश की थी, चिन्ना रेड्डी पर भी पार्टी का अनुशासन तोड़ने का आरोप है। चिन्ना रेड्डी को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना प्लानिंग बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरेखा की बेटी ने सीएम और उनके परिवार के खिलाफ की थी टिप्पणी

दरअसल, सुरेखा को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने अगस्त में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रेवंत और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणी की थी। उस वक्त मंत्री सुरेखा का कहना था कि उनकी बेटी की राय निजी थी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। लेकिन कांग्रेस के भीतर खास तौर पर सीएम रेवंत रेड्डी के खेमे के विधायकों ने सुरेखा के खिलाफ अनुशासनात्मक काररवाई की मांग की थी।

रेवंत ने की थी काररवाई की मांग

रेवंत ने दिल्ली दौरे के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने भी यह मुद्दा उठाया और उनके खिलाफ सख्त काररवाई की मांग की थी। सुरेखा ने बढ़ते दबाव के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया और पार्टी नेतृत्व को उनके खिलाफ काररवाई करने की चुनौती दी थी। उन्होंने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की थी, लेकिन उन्हें स्पष्ट कह दिया गया कि उनके खिलाफ काररवाई की जाएगी।

डैमेज कंट्रोल शुरू

फिलहाल ओबीसी महिला नेता सुरेखा को इस तरह हटाने से होने वाले नुकसान की भरपाई के तौर पर सीएम ने तत्काल वारंगल जिले से ही तीन ओबीसी महिलाओं को बोर्ड/कॉरपोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। रेवंत ने गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष, नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद जी सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी तेलंगाना में सियासी विवाद चर्चा में रहा था।

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