तमिलनाडु में आज कृषि बजट : कर्ज माफी, MSP और खरीद प्रोत्साहन पर किसानों की टिकी निगाहें
चेन्नई, 6 जुलाई। तमिलनाडु की टीवीके सरकार गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का कृषि बजट पेश करेगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे। राज्य के किसानों की नजरें इस बजट पर टिकी हैं, क्योंकि उन्हें फसल ऋण माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), खरीद प्रोत्साहन और कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाओं से जुड़ी अहम घोषणाओं की उम्मीद है। यह कृषि बजट वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा एक दिन पहले 2026-27 का संशोधित आम बजट पेश किए जाने के बाद आ रहा है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार का यह पहला पूर्ण कृषि बजट है।
फसल ऋण माफी पर किसानों की सबसे ज्यादा उम्मीद
किसान संगठनों की प्रमुख मांग सहकारी बैंकों से 28 फरवरी तक लिए गए फसल ऋणों की माफी है। संगठन लंबे समय से सरकार पर इस संबंध में फैसला लेने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कृषि बजट में ऋण माफी की सीमा, पात्रता और वित्तीय प्रावधानों को लेकर स्पष्ट घोषणा की जा सकती है।
एमएसपी और खरीद प्रोत्साहन पर हो सकती हैं घोषणाएं
धान और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ खरीद प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की मांग भी किसानों की प्राथमिकताओं में शामिल है। हाल ही में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठकों में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई थी। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उत्पादन लागत कम करने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई योजनाओं का ऐलान करेगी।
कृषि अवसंरचना पर भी रहेगा फोकस
बजट में कृषि मशीनीकरण, आधुनिक तकनीक, भंडारण सुविधाओं, सिंचाई व्यवस्था और कृषि अवसंरचना के विकास के लिए अतिरिक्त निवेश की घोषणा भी की जा सकती है। इसके अलावा सरकारी खरीद केंद्रों को मजबूत करने और उपज बेचने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उपायों की भी संभावना है।
पहले ही मिल चुका है 14,984 करोड़ रुपये का प्रावधान
बुधवार को पेश किए गए आम बजट में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए 14,984 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। अब कृषि बजट में इन्हीं संसाधनों के आधार पर विभिन्न योजनाओं और वित्तीय आवंटनों का विस्तृत खाका पेश किया जाएगा।
चुनावी वादों की परीक्षा
सत्ता में आने के बाद टीवीके सरकार का यह पहला पूर्ण कृषि बजट है। ऐसे में इस पर विशेष नजर रहेगी कि सरकार किसानों से किए गए चुनावी वादों को कितनी प्रभावी योजनाओं और वित्तीय प्रावधानों में बदल पाती है। साथ ही कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय मजबूत करने और खाद्य प्रसंस्करण समेत संबद्ध क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की दीर्घकालिक रणनीति भी बजट का अहम हिस्सा रहने की उम्मीद है।
