सूरजमुखी बीज के एमएसपी को लेकर किसानों से वार्ता विफल, दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन अवरुद्ध

कुरुक्षेत्र, 13 जून। किसानों ने सूरजमुखी के बीज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को लेकर हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध रखा। धरनास्थल पर मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि सोमवार से जिला प्रशासन से कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने इस मुद्दे पर एक महापंचायत आयोजित करने के बाद सोमवार दोपहर से पिपली के पास राजमार्ग (एनएच-44) को अवरुद्ध कर दिया है। यह राजमार्ग दिल्ली को चंडीगढ़ तथा कुछ अन्य मार्ग से जोड़ता है। राकेश टिकैत ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ सोमवार रात उनकी दो बैठकें हुईं, लेकिन इनका कोई नतीजा नहीं निकला। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और किसानों के बीच मंगलवार को एक और दौर की वार्ता होगी।

राज्य सरकार या तो मांग स्वीकार करे या किसानों को जेल भेज दे – राकेश टिकैत

गतिरोध जारी रहने के बीच कुछ किसानों ने चिलचिलाती गर्मी से खुद को बचाने के लिए राजमार्ग पर टेंट लगा लिया। भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता राकेश टिकैत ने मंगलवार दोपहर संवाददाताओं से कहा, ‘किसान अपना विरोध खत्म नहीं करेंगे, वे इस तरह यहां से नहीं जाएंगे। सरकार या तो उनकी मांग पूरी करे या उन्हें जेल भेजे।’ इससे पहले, उन्होंने कहा था कि सोमवार को गठित किसानों की एक स्थानीय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को एक बैठक करेंगे।

एमएसपी का मुद्दा न पूरे किसान समुदाय को प्रभावित कर रहा

राकेश टिकैत ने कहा, ‘सूरजमुखी बीजों के लिए एमएसपी का मुद्दा न केवल हरियाणा के किसानों को बल्कि पूरे किसान समुदाय को प्रभावित कर रहा है। जैसा कि हम सभी फसलों के लिए एक एमएसपी कानून की मांग कर रहे हैं, जिसका वादा केंद्र सरकार द्वारा तब किया गया था, जब हमने अब निरस्त कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन वापस ले लिया था।’ सूरजमुखी के बीजों के लिए एमएसपी के अलावा किसान नौ किसान नेताओं को रिहा करने की भी मांग कर रहे हैं, जिन्हें शाहाबाद में हाल में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

दूसरी तरफ कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक एस एस भोरिया ने बताया कि जिला प्रशासन किसानों को जाम समाप्त करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई समाधान निकल आएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि अनाज मंडी पिपली के दो किलोमीटर के दायरे में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जहां किसानों ने अपनी महापंचायत की और निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया।

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