शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बोले- अब नकली संतों का होगा अंत
लखनऊ, 12 मार्च। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की, जो गो माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा खत्म होने के लखनऊ में ही प्रवास कर रहे हैं।
जिनके ध्यान मात्र से मिलता आशीर्वाद है
उनके साक्षात् दर्शन का मिला सौभाग्य है!सच्चे संत का सम्मान ही सनातन का सम्मान है। pic.twitter.com/zV3tQrArRX
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 12, 2026
अब वे भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं
पूर्व सांसद अनु टंडन के साथ कृष्णा नगर स्थित शंकराचार्य के प्रवास स्थल पर करीब एक घंटे तक अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सामने जमीन पर बैठकर उनका संबोधन सुना। शंकराचार्य से मुलाकात के बाद बाहर आने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि वह शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने आए थे और अब उनके आशीर्वाद से नकली संतों का अंत होगा। अब वे भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं। सबका सच सामने का जाएगा।
"पूजनीय शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/y61HfLCPy5
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‘हमारी इस मुलाकात के राजनीतिक निहतार्थ न निकाले जाएं’
अखिलेश यादव ने कहा, ‘मैं शंकराचार्य से मिलकर उनका आशीर्वाद लेने आया था। हमारे यहां परंपरा रही है कि जब भी कोई नया काम शुरू किया जाता है तो सबसे पहले संत महात्माओं का आशीर्वाद लिया जाता है। मैं भी इसी भावना के साथ उनके पास आया। संतों का आशीर्वाद हमेशा समाज और देश के लिए शुभ होता है, इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हमारी इस मुलाकात के राजनीतिक निहतार्थ न निकाले जाएं।’
"समाजवादी सरकार थी तो उस समय गाय की सेवा को लेकर हम लोगों ने बहुत फैसले लिए। भविष्य में भी जो कुछ कर सकते हैं गाय की सेवा के लिए वह करेंगे।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/au0Q8WfXOs
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गाय की सेवा के लिए जो कुछ कर सकते हैं, वह करेंगे
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय गायों की सेवा और संरक्षण को लेकर उन्होंने कई फैसले लिए गए थे और भविष्य में भी पार्टी इस दिशा में काम करती रहेगी। गाय के दूध का पहला प्लांट समाजवादी पार्टी सरकार के समय कन्नौज में स्थापित किया गया था। भविष्य में भी गाय की सेवा के लिए जो कुछ कर सकते हैं, वह करेंगे। यह दावा करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
पिछले कुछ दिनों से राज्य में सरकार ठीक तरह से नहीं चल रही
इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री योगी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में सरकार ठीक तरह से नहीं चल रही है। अखिलेश ने यह दावा किया कि हाल ही में हुई एक बैठक में दोनों डिप्टी सीएम को बाहर जाने की सलाह देने की बात सामने आई है, ताकि वे जनता के बीच जाकर स्थिति समझ सकें। हो सकता है कि जनता के बीच में जाएं तो जीतें ही ना।
"इस प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सरकार ही नहीं चल रही। SSS की जो बैठक हुई है उसमें सुनने में आया है कि कहा है कि दोनों डिप्टी सीएम को डपट के बाहर निकालिए, हो सकता है जनता के बीच में जाएं तो जीते ही ना।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/UbGn7BsSij
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एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करे सरकार
अखिलेश ने एलपीजी की उपलब्धता के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गलत नीतियों की वजह से लोगों को फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ सकती है। जनता परेशान है केंद्र और राज्य सरकार को बयान देने के बजाय लोगों को रसोई गैस उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
शंकराचार्य बोले- ‘जब हम हिन्दू की बात करते हैं तो भाजपा नेता ही नहीं आते, बाकी सब आते हैं’
वहीं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अखिलेश यादव से हुई मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सब लोग मिलने आ रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आया है। उन्होंने यह भी कहा, ‘जब हम हिन्दू की बात करते हैं तो वही (भाजपा नेता) नहीं आते, बाकी सब आते हैं।’
गौरतलब है कि शंकराचार्य ने बुधवार को लखनऊ में अपनी 40 दिवसीय गो प्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का समापन किया था। इस दौरान उन्होंने गो-रक्षा के लिए धर्मयुद्ध का एलान करते हुए एक नई ‘चतुरंगिणी’ व्यवस्था बनाने की घोषणा की है। यह भी कहा था कि संत समाज साधु-संतों और अनुयायियों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा। लोगों को बताया जाएगा कि जो गाय की रक्षा के साथ खड़ा हो, जनता उसी का समर्थन करे। यह अभियान में किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं होगा, बल्कि लोगों को तथ्यों के आधार पर जागरूक किया जाएगा।
