Delhi Building Collapse: सोनू सूद ने छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल, बोले- ‘नीति में छोटा बदलाव किसी का बड़ा सपना बचा सकता है’

मुंबई, 8 सितंबर: अभिनेता सोनू सूद सामाजिक कार्यों के साथ-साथ देश से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद उन्होंने छात्रों की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित आवास की कमी का मुद्दा उठाया है। सोनू सूद ने सरकार से छात्रावासों को लेकर नीति में बदलाव करने की अपील की है।

सोनू सूद ने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र अपने घर से दूर दूसरे शहरों में पढ़ाई करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए जाते हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और किफायती रहने की व्यवस्था करना भी बेहद जरूरी है।

अभिनेता ने लिखा, “हर साल लाखों छात्र अपने घर से दूर दूसरे शहर में सपने पूरे करने के लिए जाते हैं, लेकिन क्या हम उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित जगह दे पा रहे हैं?”

उन्होंने दिल्ली में छात्रों की संख्या और उपलब्ध हॉस्टल सीटों के बीच अंतर का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी में करीब 7 लाख छात्र पढ़ते हैं, जबकि हॉस्टल में लगभग 30 हजार सीटें ही उपलब्ध हैं। यानी बड़ी संख्या में छात्रों को निजी पीजी या किराये के मकानों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

सरकारी जमीन पर बनें सुरक्षित और सस्ते हॉस्टल

सोनू सूद ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों के आसपास खाली पड़ी सरकारी जमीन का इस्तेमाल छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती हॉस्टल बनाने में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी कैंपस के भीतर अधिक हॉस्टल और जरूरी इमारतें बनाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे छात्रों को पढ़ाई की जगह के आसपास ही सुरक्षित आवास मिल सकेगा।

अभिनेता ने अपने पोस्ट में लिखा कि ऐसी व्यवस्था से छात्रों को सुरक्षा मिलेगी और उनके माता-पिता को भी सुकून मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय और सरकार के लिए राजस्व का एक जरिया भी तैयार हो सकता है।

‘छोटा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को बचा सकता है’

सोनू सूद ने कहा कि कई बार किसी नीति में किया गया छोटा बदलाव किसी की जिंदगी बदल सकता है। उन्होंने लिखा, “कभी-कभी नीति में एक छोटा सा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को बचा सकता है।”

उनका यह बयान दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद आया है। रविवार, 6 सितंबर को इलाके में एक पुरानी पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए।

सत्य निकेतन हादसे के बाद जांच के आदेश

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इलाके की अन्य पुरानी और जर्जर इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं।

इस घटना ने दिल्ली में पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले छात्र पढ़ाई के लिए दिल्ली में रहते हैं और किफायती आवास की तलाश में अक्सर पुराने मकानों में बने पीजी का विकल्प चुनते हैं।

ऐसे में सोनू सूद की मांग ने छात्रों के लिए सुरक्षित, सस्ता और नियमन के तहत उपलब्ध आवास की जरूरत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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