श्री काशी विश्वनाथ धाम की आय 7 वर्षों के दौरान चार गुना बढ़ी

वाराणसी, 23 जून। श्री काशी विश्वनाथ धाम का विस्तार करने के साथ यहां उपलब्ध सुविधाओं को सुगम और अत्याधुनिक बनाया गया तो दुनियाभर से आने वाले शिव भक्तों की संख्या भी उत्तरोत्तर बढ़ने लगी है। इसका परिणाम यह सामने आया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद मंदिर प्रबंधन की आय में भी कई गुना वृद्धि हुई।

सुविधाओं के विस्तार से दान और दर्शनार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि 

वस्तुतः डबल इंजन सरकार में सुविधाओं के विस्तार होने के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में दान और दर्शनार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि भी हुई। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2023 -24 यानी सात वर्षों के भीतर मंदिर की आय में चार गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। बीच में कोरोना काल में भक्तों की संख्या में थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इसके बाद फिर से इसमें बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई।

16.22 करोड़ पहुंच गई भक्तों की संख्या

श्री काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार निरीक्षण और निर्देशन में मंदिर में कई सुविधाओं की बढ़ोतरी हुई। मंदिर का विस्तार और दर्शन की सुगमता ने काशी में तीर्थाटन को और बढ़ा दिया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि बाबा की आय में चढ़ावा, दान, टिकट और परिसर में नवनिर्मित भवनों के आय आदि के रूप में पिछले सात वर्षों में चार गुना की वृद्धि हुई है। 13 दिसम्बर 2021 को हुए विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद मई, 2024 तक बाबा के भक्तों की संख्या 16.22 करोड़ तक पहुंच गई।

डबल इंजन सरकार में मिलने लगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी अनादिकाल से सनातन धर्म मानने वालों की तीर्थस्थली है। डबल इंजन सरकार में अब काशी में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने लगी है। इस प्राचीन शहर में दुनिया के हर कोने से पहुंचना आसान हो गया है, जिससे यहां भक्तों का प्रवाह बढ़ गया है। ऐसी मान्यता है कि सनातन परम्परा में दान से विशेष पुण्य मिलता है। धर्म की नगरी काशी में आने के बाद शिव भक्त दिल खोल कर चढ़ावा व दान कर रहे हैं।

           वित्तीय वर्ष               आय (रुपये में)

  • 2017-2018             20,14,56,838.43 
  • 2018-2019             26,65,41,673.32 
  • 2019-2020             26,43,77,438.00 
  • 2020-2021             10,82,97,852.09 
  • 2021-2022             20,72,58,754.03  
  • 2022-2023             58,51,43,676.33 
  • 2023-2024             86,79,43,102.00
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