कर्नाटक में कांग्रेस को झटका, सहयोगी शरद पवार की एनसीपी भी लड़ेगी चुनाव

बेंगलुरु, 14 अप्रैल। शरद पवार की ‘विपक्षी एकता’ के नाम पर कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के ठीक एक दिन बाद, उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने घोषणा कर दी कि वह अगले महीने कर्नाटक चुनाव लड़ सकती है। राकांपा 10 मई को होने वाले कर्नाटक चुनाव में 40-45 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है, जहां भाजपा, कांग्रेस और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

व्यापक विपक्षी एकता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा यह निर्णय हालांकि कथित तौर पर एनसीपी द्वारा हाल ही में अपना राष्ट्रीय दर्जा खोने से जुड़ा हुआ है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘हमें अपनी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा फिर से हासिल करने के लिए कदम उठाने होंगे।’ गौरतलब है कि एनसीपी ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपनी ‘राष्ट्रीय पार्टी’ का दर्जा गंवाने के साथ गोवा, मणिपुर व मेघालय में अपनी ‘राज्य पार्टी’ का दर्जा भी खो दिया।

एनसीपी को कर्नाटक चुनाव के लिए अलार्म क्लॉक सिंबल आवंटित

इस बीच चुनाव आयोग ने एनसीपी को कर्नाटक चुनाव के लिए अलार्म क्लॉक सिंबल आवंटित किया है। एनसीपी को महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा क्षेत्र में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के साथ साझेदारी करने की उम्मीद है, जहां एक बड़ी मात्रा में मराठी आबादी है।

राकांपा की उपस्थिति से उसकी सहयोगी कांग्रेस के सर्वाधिक प्रभावित होने संभावना है, जो इस चुनाव में अपनी संभावनाएं तलाश रही है। दूसरी तरफ सत्तारूढ़ भाजपा भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर के आरोपों से लड़ रही है।

गौरतलब है कि गुरुवार शाम को शरद पवार ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ मुलाकात की थी। इस मुलाकात से पहले एनसीपी प्रमुख की हालिया टिप्पणियों ने अडानी विवाद में एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग पर विपक्ष के भीतर विभाजन का संकेत दिया था।

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