दिल्ली : सत्य निकेतन में इमारत हादसे के 27 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, 7 मृतकों में 5 छात्र शामिल

नई दिल्ली, 7 सितम्बर। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत गिरने के बाद लगभग 27 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को अपराह्न खत्म हो गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार हादसे में सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें पांच छात्र शामिल है। ये छात्र उसी इमारत में संचालित पीजी ‘हॉल्टल डेज़’ में रहते थे। वहीं पांच लोग घायल हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे में जान गंवाने वाले पांच छात्रों में अभिषेक (पिता संतोष कुमार, निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, उम्र 20 वर्ष), युवराज सोनी (पिता कन्हैया लाल सोनी, निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़, उम्र 20 वर्ष), पवन (पिता विश्वंभर नाथ, निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश, उम्र 17 वर्ष), अर्पित जहाज (पिता भूपेंद्र जहाज, निवासी देवास, मध्य प्रदेश, उम्र 19 वर्ष) व अक्षत सिंह यादव (पिता मंता सिंह यादव, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश, उम्र 18 वर्ष) शामिल हैं। दो अन्य मृतकों में एक मजदूर – सुरिंदर सिंह (पिता केवल सिंह, उम्र 75 साल) व एक अज्ञात पुरुष शामिल हैं। घायल लोगों में असगर अली (उम्र 30 वर्ष), नीरज बावा (उम्र 19 वर्ष), आदित्य कुमार (उम्र 19 वर्ष), नितीश चिब (पिता पवन, उम्र 19 वर्ष) व मोहम्मद अयान (पिता मोहम्मद वकील, उम्र 18 वर्ष) शामिल हैं।

पीजी मालिक को गिरफ्तार किया गया

इस बीच पुलिस ने पीजी के मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पालम विहार स्थित उसके घर पर छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को शक था कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी सुरक्षित जगह पर छिपा है। पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की।

एमसीडी के डिफ्टी कमिश्नर सहित 5 अधिकारी निलंबित

वहीं इस मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत पांत अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी।

सीएम रेखा गुप्ता ने अपनी पोस्ट में बताया कि दिल्लीभर में बिना अनुमति बनाई गई पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने का आदेश दिया गया है। आसपास के PG और इमारतों की भी गहन जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सील करने समेत सख्त काररवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और कहा है कि जो भी व्यक्ति दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular