Weather Update: यूपी-बिहार में बाढ़ का संकट, बिहार में टूटा चंपारण तटबंध; राजस्थान में ओलावृष्टि

लखनऊ, 29 सितंबर। उत्तर भारत में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है, जबकि बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच चंपारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। दूसरी ओर, राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है।

यूपी में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से चिंता

उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ा है और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुशीनगर में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र से छोड़े गए पानी के बाद गंडक (नारायणी) नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इससे नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की जरूरत पड़ रही है।

हालांकि, 29 सितंबर को IMD के आधिकारिक सब-डिविजन वार्निंग पेज पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी। इसलिए पहले जारी किए गए बारिश के अलर्ट और मौजूदा पूर्वानुमान में अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

बिहार में चंपारण तटबंध टूटा, बगहा में बढ़ा बाढ़ का खतरा

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच चंपारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। अधिकारियों के अनुसार, बगहा क्षेत्र के खैरटवा गांव के पास तटबंध में करीब 10 मीटर का कटाव हुआ। उस समय गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर था। तटबंध टूटने के बाद आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक बगहा शहर के कुछ हिस्सों में भी पानी पहुंच गया है और कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि से बदला मौसम

राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम ने करवट ली है। बारिश के साथ ओलावृष्टि की घटनाओं से कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को दिन और रात के तापमान में बदलाव महसूस हुआ। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, 29 सितंबर को IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी।

उत्तर भारत में बारिश से राहत के संकेत

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। वहीं देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है। 29 सितंबर के पूर्वानुमान में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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