बिहार : प्रशांत किशोर के डिजिटल मीडिया मैनेजर ट्रेन से लापता, 24 घंटे बाद रांची में रेलवे ट्रैक के पास मृत पाए गए

पटना, 27 अक्टूबर। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता, जो सोमवार दोपहर पटना जाने वाली ट्रेन से लापता हो गए थे, 24 घंटे बाद रांची में रेलवे ट्रैक के पास मृत अवस्था में मिले।

दो साथियों संग सोमवार को रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 वर्षीय देवपालिक अपने दो साथियों के साथ रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान ही अचानक लापता हो गए थे। जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने कहा कि सोमवार रात नौ बजे एफआईआर दर्ज की गई। उनकी बॉडी राजधानी रांची के अंगारा पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले जरवाडीह में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों से मिली।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गौरव गोस्वामी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि देवपालिक के सिर में चोट लगी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि देवपालिक चलती ट्रेन से गिर गए होंगे, हालांकि अब भी हालात की जांच की जा रही है। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची के राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) भेजा गया है।

वहीं देवपालिक के साथी गौतम कुमार ने कहा कि ट्रेन दोपहर करीब 2.25 बजे पटना के लिए निकली थी। उन्होंने दावा किया कि 10 मिनट बाद देवपालिक खाना लेने के लिए पेंट्री कार की तरफ गए। यह आखिरी बार था, जब उन्होंने और उनके एक और साथी निशांत ने देवपालिक को देखा था। जब देवपालिक दो घंटे बाद भी नहीं लौटा, तो उन्हें शक हुआ।

गौतम ने कहा, ‘हम अपने कोच के बगल वाली पेंट्री कार में गए, लेकिन वह नहीं मिला। हमने हर कोच चेक किया, लेकिन वह ट्रेन में कहीं नहीं था।’ जब ट्रेन मुरी जंक्शन पर रुकी तो गौतम ने रेलवे पुलिस (GRP) में शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार दोपहर को काफी तलाशी के बाद देवपालिक की बॉडी जरवाडीह में मिली, जो रांची और मुरी के बीच है।

जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि देवपालिक के अपनी बर्थ छोड़ने के बाद क्या हुआ। वह किसी और स्टेशन पर नहीं उतर सकते थे क्योंकि रांची से ट्रेन के निकलने के बाद मुरी पहला स्टॉप है।

जन सुराज पार्टी ने देवपालिक की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की

इस बीच जन सुराज पार्टी ने देवपालिक की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, पार्टी ने घटना के पीछे किसी भी साजिश के एंगल से इनकार नहीं किया। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि देवपालिक गुप्ता की मौत कैसे या किन हालात में हुई। इसलिए, हम ऑफिशियली यह दावा नहीं कर सकते कि इसमें कोई पॉलिटिकल या दूसरी साजिश शामिल थी। यदि देवपालिक किसी साजिश का, चाहे वह पॉलिटिकल हो या कोई और, शिकार हुए हैं, तो इसकी बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए।’

यूपी के कुशीनगर के रहने वाले थे देवपालिक

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले देवपालिक 2022 में जन सुराज कैंपेन शुरू होने के बाद पिछले चार वर्षों से प्रशांत किशोर के साथ काम कर रहे थे। किशोर के 2024 में राजनीति में आने के एलान के बाद, देवपालिक को पार्टी के ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज और दूसरे डिजिटल कैंपेन को मैनेज करने का काम सौंपा गया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के पुराने छात्र देवपालिक पहले कई जाने-माने अखबारों, न्यूज चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े थे।

मामले की निष्पक्ष और हाई-लेवल जांच होनी चाहिए – नेहा सिंह राठौर

इस बीच चर्चित सोशल एक्टिविस्ट नेहा सिंह राठौर ने X पोस्ट में कहा, ‘बांकीपुर चुनावों के दौरान, देवपालिक गुप्ता और उनकी टीम ने दूसरी पार्टियों की बातों का मजबूती से मुकाबला करने के लिए दिन-रात, 24 घंटे कड़ी मेहनत की। उनकी मौत के पीछे के हालात को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस मामले की निष्पक्ष और हाई-लेवल जांच होनी चाहिए।’

आईआईएमसी एलुमनाई एसोसिएशन ने जांज की मांग की

आईआईएमसी एलुमनाई एसोसिएशन ने भी पूरी जांच की मांग की। एसोसिएशन ने कहा, ‘टीम आईआईएमसीएए झारखंड में रहस्यमयी हालात में देवपालिक गुप्ता (2018-19 बैच) की दुखद मौत पर गहरा दुख जताती है।’

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular