पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा – सीमा पर शांति व स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए

कज़ान (रूस), 23 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां जारी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर बुधवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर इस सप्ताह की शुरुआत में दोनों देशों के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से कहा कि सीमा पर शांति व स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे पहले दिन में दोनों नेताओं ने 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।

सीमा पर पिछले 4 वर्षों में उठे मुद्दों पर बनी आम सहमति का स्वागत किया

पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत-चीन संबंध न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। हम पांच वर्ष बाद औपचारिक बैठक कर रहे हैं। हमारा मानना ​​है कि भारत-चीन संबंध न केवल हमारे लोगों के लिए बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम सीमा पर पिछले चार वर्षों में उठे मुद्दों पर बनी आम सहमति का स्वागत करते हैं।’

आपसी सम्मान और संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेगी

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता हमारे संबंधों का आधार बने रहना चाहिए। आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेगी।’

पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, ‘कज़ान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।’

5 वर्षों में दोनों नेताओं के बीच पहली संरचित बातचीत

उल्लेखनीय है कि यह पांच वर्षों में दोनों नेताओं के बीच पहली संरचित बातचीत थी और सोमवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर नियमित गश्त फिर से शुरू करने पर दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद हुई।

पीएम मोदी की शी जिनपिंग के साथ आखिरी औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकात अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुई थी, जो जून 2020 में गलवान में हुई झड़पों से महीनों पहले हुई थी, जिसके बाद सैन्य गतिरोध पैदा हो गया था। दोनों नेताओं ने 2022 में इंडोनेशिया के बाली में समूह 20 की बैठक और फिर दक्षिण अफ्रीका के जोहानेसबर्ग (2023) में संक्षिप्त मुलाकात की थी।

RELATED ARTICLES

Most Popular