प्रधानमंत्री मोदी ने मार्क कार्नी ने साथ की बैठक, भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित, 50 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य
नई दिल्ली, 2 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे और दोनों देशों के बीच रक्षा संवाद स्थापित करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ नई दिल्ली में हुई वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारी गहरी आपसी विश्वास और संबंधों की परिपक्वता का प्रतीक है। हम रक्षा उद्योग, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ाएंगे। आज हमने भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया है।” पीएम मोदी ने मार्क कार्नी का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी यात्रा को एक महत्वपूर्ण बताया।
India is delighted to welcome Prime Minister Carney on his first visit to our nation. This is an important milestone in India-Canada relations. PM Carney's accomplishments, including those before he became Prime Minister, are very inspiring. I can say with confidence that from… pic.twitter.com/uYnBRcNrKP
— Narendra Modi (@narendramodi) March 2, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच पहली बैठक के बाद से संबंधों में ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता आई है। उन्होंने कहा, “विश्व में बहुत कम लोग हैं जिनकी जीवनी में दो देशों के केंद्रीय बैंक का नेतृत्व शामिल हो। मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री कार्नी को हमारी बढ़ती साझेदारी की गति के लिए श्रेय देता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और कनाडा का लक्ष्य है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाया जाए। उन्होंने घोषणा की कि दोनों नेता जल्द ही भारत-कनाडा समग्र आर्थिक भागीदारी समझौता को अंतिम रूप देंगे।
पीएम मोदी ने कहा, “भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखते हैं। हम विविधता का उत्सव मनाते हैं और मानव कल्याण के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं। आज हमने इस दृष्टिकोण को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की।” उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता को खोलना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसके लिए दोनों नेताओं ने समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “यह दोनों देशों में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। कनाडाई पेंशन फंड ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की विकास कहानी में उनका विश्वास दर्शाता है।”
प्रधानमंत्री ने कृषि, एग्री-टेक्नोलॉजी और खाद्य सुरक्षा को साझा प्राथमिकता बताया और घोषणा की कि भारत में भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि कनाडा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल हो गया है। साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए हम इस साल भारत-कनाडा नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज समिट आयोजित करेंगे।
नागरिक परमाणु ऊर्जा में हमने दीर्घकालीन यूरेनियम आपूर्ति के लिए ऐतिहासिक समझौता किया है। हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे।” पीएम मोदी ने कहा कि जन-जन के संबंध द्विपक्षीय रिश्तों की प्रेरक शक्ति हैं। उन्होंने कहा, “आज हमने उन्हें और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। एआई, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के क्षेत्र में कई विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियां घोषित की गई हैं। कनाडाई विश्वविद्यालय भी भारत में कैंपस खोलने के लिए सहमत हुए हैं।”
