Parliament Special Session : लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा शुरू, BJP की ओर से बांसुरी स्वराज, कंगना रनौत बोलेंगी

नई दिल्ली, 16 अप्रैल। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026,केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026, डिलिमिटेशन बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। सरकार ने लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए तीन बिल पेश किए। लेकिन विपक्ष बिल के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। भाजपा की तरफ से बहस में सांसद बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे, अपराजिता सारंगी, कंगना रनोट और धर्मशीला गुप्ता शामिल होंगी।

पीएम मोदी आज दोपहर 3 बजे लोकसभा में बोल सकते हैं। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

  • विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?

लोकसभा में बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। पीएम मोदी चर्चा की शुरुआत करेंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा के बाद तीनों बिलों पर वोटिंग होगी। वहीं, राज्यसभा में तीनों बिल 18 अप्रैल को पेश किए जाएंगे जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। 18 अप्रैल को ही राज्यसभा में चर्चा के बाद वोटिंग कराई जाएगी। मोदी सरकार ने बिल को लेकर पूरी तैयारी की है वहीं, विपक्ष भी बिल के विरोध में उतर आया है। विपक्ष का कहना है कि वो महिला आरक्षण बिल के विरोध में नहीं है लेकिन इससे जुड़े परिसीमन को लेकर उसका विरोध है।

  • संविधान संशोधन पर क्या है सरकार का पक्ष?

सरकार ने विरोधी दलों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश कर रही है और बार बार भरोसा दिला रही है कि किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। हर राज्य में लोकसभा की सीटें 50 परसेंट बढ़ाई जाएंगी यानी अगर तमिलनाडु की 39 सीटें हैं तो वो बढ़कर 59 हो जाएंगी। केरल की 50 परसेंट सीटें बढ़ीं, तो लोकसभा सीटों की संख्या 20 से बढ़कर 30 हो जाएंगी। सरकार इस बात को सदन में भी स्पष्ट करेगी। आज संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी दल, सरकार के साथ आकर देश की महिलाओं को उनका हक देंगे।

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