नितिन गडकरी बोले- सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता का संकट, लेकिन मीडिया के क्षेत्र में यह समस्या सबसे गंभीर

नागपुर, 5 सितम्बर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकतंत्र की प्रगति के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका एवं मीडिया के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि सभी संस्थानों में विश्वसनीयता का संकट है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में यह समस्या सबसे गंभीर है।

IIM नागपुर के ‘मीडिया कॉन्क्लेव 2026′ में संबोधन

नितिन गडकरी ने शनिवार को यहां भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) के ‘मीडिया कॉन्क्लेव 2026’ में ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’ विषय पर संगोष्ठी को संबोधित करते ये बातें कहीं। कार्यक्रम में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रधान संपादक विजय जोशी, ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के संपादकीय निदेशक ए. के. भट्टाचार्य और ‘ब्लिट्ज इंडिया मीडिया ग्रुप’ के अध्यक्ष एवं प्रधान संपादक दीपक द्विवेदी समेत मीडिया जगत के कई अग्रणी लोग मौजूद थे।

गडकरी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने लोकतंत्र में गुणवत्ता में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, ‘संविधान ने लोकतंत्र के चार स्तंभों – विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया – की जिम्मेदारियों को बहुत स्पष्ट रूप से तय किया है। लोकतंत्र की प्रगति और विकास के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं न्यायपूर्ण न्यायपालिका तथा मीडिया बेहद महत्वपूर्ण हैं।’

राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत

उन्होंने कहा कि राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। मतभेद या वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी विचारधारा को लेकर प्रतिबद्धता होनी चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा, ‘लोगों में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता तथा इन मूल्यों और विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बहुत महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी में सभी क्षेत्रों के लिए विश्वसनीयता, सद्भावना और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी हैं।’

अब सोशल मीडिया ने स्थिति बदल दी है

गडकरी ने कहा, ‘सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता में बहुत अधिक गिरावट आई है। हालांकि कहा कि सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी विश्वसनीयता नहीं खोई है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘पहले अखबार और मीडिया संस्थान कहते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव में कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया ने यह स्थिति बदल दी है।’

मीडिया से अपनी विश्वसनीयता बहाल करने पर विचार की अपील

उन्होंने कहा, ‘राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता का संकट है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में यह सबसे बड़ी समस्या है।’ उन्होंने मीडिया से अपनी विश्वसनीयता बहाल करने पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि जिनकी अपनी विश्वसनीयता होती है, उन्हें खुद का प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

पत्रकारों को लोगों, समाज एवं देश के हित में लिखने की सलाह दी

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों को लोगों, समाज एवं देश के हित में लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी भी अच्छे काम को पहचान मिलती है, उसी तरह अच्छी पत्रकारिता को भी पहचान मिलती है। आने वाले समय में वे ही टिक पाएंगे, जो अपनी विश्वसनीयता के साथ-साथ पेशे के बुनियादी मूल्यों की भी रक्षा करेंगे।

उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने तथा ज्ञान के प्रसार की दिशा में काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में भी मदद मिलेगी।

आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराय मेत्री ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्र के विकास में आज के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ‘लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी’ के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरन ने कहा कि दुनिया भारत को युवा आबादी, स्टार्ट-अप और विशाल बाजार वाले देश के रूप में देख रही है। उन्होंने उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया।

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