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मिशन 2022 : मोदी-योगी के कामकाज के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में भाजपा

लखनऊ, 9 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर परे देखे जा रहे हैं। देश भर की नजरें प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा विधानसभा और लोकसभा सीटों वाले राज्य के विधानसभा चुनाव में जीत को लेकर भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार की उपलब्धियों को लेकर के सहारे भाजपा को लगता है कि वह इन चुनावों की वैतरणी पार कर लेगी।

भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि वर्ष 2012 में महज 45 सीटों तक सिकड़ गई भाजपा को वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी की आंधी का बहुत फायदा मिला। 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में 42.63 वोट हासिल करते हुए प्रदेश की 71 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की। मोदी आंधी के दौरान प्रदेश में भाजपा को इतनी सीटे मिलना किसी करिश्में से कम नहीं माना गया था। हालांकि इसके बाद भाजपा ने वर्ष 2017 में हुए प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी ताकत झोंक दी।

रणनीति के लिहाज से सगंठन को एकजुट रखने के लिए उस समय भाजपा ने मुख्यमंत्री के तौर पर किसी चेहरे को प्रोजेक्ट करने की जगह केंद्र की मोदी सरकार के तीन साल के कामपर लोगों से वोट मांगा। परिणामस्वरूप पूर्व से पश्चिम तक भाजपा को जबरदस्त सफलता मिली। यहीं नहीं वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में एक बार योगी और मोदी के चेहरे व कामकाज के आधार पर जनता से प्रचंड समर्थन मिला। अब भाजपा उसी क्रम को दोहराना चाहती है। हालांकि इस बार महज मोदी सरकार का विकास का मॉडल ही नहीं योगी का उग्र हिंदुत्व का काकटेल भी भाजपा के प्रचार का मुख्य हिस्सा है।

मोदी कैबिनेट के यह पंद्रह मंत्री प्रदेश में साधेंगे समीकरण

मोदी कैबिनेट में प्रदेश से मंत्रियों की संख्या 15 हो चुकी है. मिशन 2022 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के यह मंत्री प्रचार हासिल करेंगे। इनमें सबसे पहला नाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का है। इसके अलावा महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पाण्डेय, सड़क परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह, उपभोक्ता मामलों की राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री संजीव बालियान, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राज्य मंत्री कौशल किशोर, राज्य मंत्री सतपाल सिंह बघेल, पिछड़ा वर्ग मंत्रालय में राज्यमंत्री बनवारी लाल और अनुपिरया पटेल अहम है। यह मंत्री विधानसभा चुनाव में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण को साधेंगे।

योगी सरकार के ये मंत्री देंगे बताएंगे सरकार की उपलब्धियां

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, केशव प्रसाद मौर्य के अलावा सुरेश कुमार खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वामी प्रसाद मौर्य, सतीश महाना, दारा सिंह चौहान, श्रीकांत शर्मा, बृजेश पाठक, जतिन प्रसाद, आशुतोष टंडन, सिदधार्थनाथ सिंह, मुकुट बिहारी वर्मा, डा महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, लक्ष्मी नारायण चौधरी, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, अनिल राजभर, रमापति शास्त्री आदि।

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