लखनऊ, 3 सितम्बर। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश व पंजाब सहित पांच राज्यों में अकेले चुनाव लड़ेगी। मायावती ने गुरुवार को यहां आहूत बसपा की अखिल भारतीय बैठक में उक्त घोषणा करने के साथ पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को दिए गए जरूरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अनुपालन करने की सख्त हिदायत दी।
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— Mayawati (@Mayawati) September 3, 2026
भतीजे आकाश आनंद को अभी और परिपक्व होने की जरूरत
बसपा प्रमुख ने इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व अपने भतीजे आकाश आनंद को यूपी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी और कहा कि अभी उसे और परिपक्व होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर कांशीराम के त्याग, तपस्या व समर्पण की तरह ही मेरे लिए भी ‘बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता अर्थात पार्टी व मूवमेंट द्वारा ‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है, जिसके लिए सत्ता भी जरूरी है।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे में कही गईं बातों का भी संज्ञान लेते हुए मायावती ने कहा कि परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने जातिवाद व असमानता आदि के विरुद्ध आजीवन कड़े संघर्षों के बल पर एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लिए काम किया।
आरएसएस की कथनी व करनी में जमीन-आसमान का अंतर
अर्थात् ‘बहुजन समाज’ के करोड़ों लोगों के आत्म-सम्मान तथा उनके वास्तविक हित, कल्याण व उनके लिए आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जान, माल एवं मज़हब की सुरक्षा तथा महिलाओं आदि के मामलों में भी आरएसएस की कथनी व करनी में जमीन-आसमान का भारी अंतर होने से उनमें विश्वसनीयता का अभाव है। अतः आरएसएस, बाबा साहेब के मानवतावादी व समतामूलक संविधान पर खुद ईमानदारी व निष्ठा से अमल करे और अपने लोगों पर उसपर अमल भी कराए, यही पूरी तरह से देश व जनहित में होगा।
बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 03.09.2026
(1) बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कु. मायावती जी द्वारा आज बी.एस.पी. की आल-इण्डिया की हुई बैठक में पार्टी व मूवमेन्ट से सम्बन्धित पिछले दिये गये कार्यो की समीक्षा व कमियों को दूर करने तथा आगे के हर वर्ष सालाना…— Mayawati (@Mayawati) September 3, 2026
आकाश को अभी पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा
मायावती ने देश व दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर भी पार्टी के लोगों का ध्यान आकृर्षित कराया। उन्होंने कहा, ‘आकाश आनंद को पार्टी में कार्य करने की तो इजाजत दी है, जो हकीकत आप सभी लोगों के सामने है। इस मामले में आकाश आनंद को अभी और अधिक परिपक्व/मैच्योर होने की जरूरत है। तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा, जो कि विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुंचाने से बचने के लिए भी समय की जरूरत है।’
25 अगस्त को पंजाब व 31 अगस्त को यूपी में पार्टी की बड़ी बैठक
बहनजी ने इसी क्रम में पदाधिकारियों व अन्य जिम्मेदार लोगों से राज्यवार समीक्षा बैठक की। यूपी, उत्तराखण्ड व पंजाब में ये कार्य चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही पूरा करने के भी जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अगस्त को पंजाब और 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश की अलग से पार्टी की बड़ी बैठक भी बुलाई है।
कांग्रेस पार्टी तो हर मामले में जबर्दस्त दलित व अम्बेडकर विरोधी
उन्होंने कहा कि अन्य पार्टियों की तरह कांग्रेस पार्टी तो हर मामले में जबर्दस्त दलित व अम्बेडकर विरोधी पार्टी है, जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है। ऐसी स्थिति में अब पार्टी ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है।
तेजी से बदलते वैश्विक हालातों पर भारत की मजबूत रणनीति पर बल
बसपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस समय दुनिया के कई भागों में जारी जंग तथा उसके फलस्वरूप तेजी से बदलते हुए संगीन हालात व सुरक्षा उपायों आदि में भी भारत की अपनी नीति/रणनीति मजबूत होनी चाहिए। अब फिर से देश में आए दिन बढ़ रही महंगाई व कुदरती हो रही मार भी काफी चिंताजनक है। साथ ही, वर्तमान में जेन-जी (Gen-Z) व जेन-अल्फा (Gen-Alpha) आदि की भी चल रही गम्भीर समस्याओं को दूर करना बहुत जरूरी है। राज्यों के साथ-साथ खासकर केंद्र सरकार भी इन सब मामलों को जरूर गम्भीरता से ले, तो यह देश व जनहित में उचित होगा।


