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मिर्जापुर धर्मांतरण केस : मास्टरमाइंड इमरान दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार, दुबई-मलेशिया तक फैला रखा है नेटवर्क

मिर्जापुर धर्मांतरण केस : मास्टरमाइंड इमरान दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार, दुबई-मलेशिया तक फैला रखा है नेटवर्क

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मिर्जापुर, 24 जनवरी। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट के मास्टरमाइंड इमरान को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह विदेश भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसके सिर पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर रखा था और उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।

मिर्जापुर पुलिस ने बताया कि इमरान को दिल्ली एयरपोर्ट से इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया। दिल्ली पुलिस की सूचना पर मिर्जापुर पुलिस शनिवार की सुबह दिल्ली पहुंची। इमरान को पटियाला कोर्ट में पेश करने के बाद मिर्जापुर पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मिर्जापुर आ रही है।

इस केस की जांच में चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का अहम किरदार इमरान 27 जनवरी, 2024 को दुबई गया था। जांच एजेंसियों को उसके पासपोर्ट की कॉपी भी हाथ लगी है। वर्ष 2024 में धर्मांतरण गतिविधियों के दौरान वह विदेश यात्रा पर था।

सूत्रों के अनुसार, दुबई में इमरान ने धर्मांतरण के संगठित नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध लोगों से मुलाकात की थी। उन बैठकों में न सिर्फ नेटवर्क को विस्तार देने पर चर्चा हुई बल्कि फंडिंग को लेकर भी बातचीत हुई। इमरान की जीवनशैली और विदेश यात्राओं पर हो रहा लाखों रुपये का खर्च जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बन गया है।

पूरे मामले की जड़ मिर्जापुर में चल रहे एक जिम सिंडिकेट से जुड़ी है

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इमरान केवल दुबई तक सीमित नहीं था। वह मलेशिया भी बार-बार जा रहा था। मलेशिया में बैठकर भी इस नेटवर्क के कुछ हिस्सों को ऑपरेट किया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशों से आने वाला पैसा किन रास्तों से भारत पहुंच रहा था। इस पूरे मामले की जड़ मिर्जापुर में चल रहे एक जिम सिंडिकेट से जुड़ी हुई है। यहां पांच जिम की चेन के जरिए अवैध धर्म परिवर्तन और ब्लैकमेलिंग का रैकेट चलाया जा रहा था।

कम से कम 30 महिलाओं को इस गैंग ने निशाना बनाया

इस गैंग ने कम से कम 30 महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें से ज्यादातर हिन्दू महिलाएं थीं। ये महिलाएं फिजिकल ट्रेनिंग के लिए इन जिम से जुड़ी थीं। आरोपित पहले महिलाओं से दोस्ती करते थे, फिर उनके निजी फोटो और वीडियो हासिल करते थे। इसके बाद AI टूल्स की मदद से अश्लील कंटेंट तैयार कर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी।

यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था

इन मांगों में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव शामिल था। इस मामले में GRP हेड कांस्टेबल इरशाद खान समेत नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपितों में जिम मालिक और ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर, शादाब और फरीद अहमद शामिल हैं। मुख्य आरोपित फरीद अहमद को पुलिस पर फायरिंग के बाद एक एनकाउंटर में पकड़ा गया।

सभी 5 जिम 27 फरवरी तक सील

पुलिस ने आरोपितों के मोबाइल फोन से दर्जनों AI-जेनरेटेड अश्लील वीडियो, तस्वीरें और चैट बरामद की हैं। यह रैकेट 2021 से सक्रिय था और इसका मकसद सिर्फ ब्लैकमेलिंग नहीं, बल्कि तकनीक के जरिए महिलाओं का मानसिक और सामाजिक शोषण करना था। मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने जांच के दायरे में आए सभी 5 जिम को 27 फरवरी तक सील करने के आदेश दिए हैं।

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