महाराष्ट्र में एक मई से रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य
ठाणे, 16 अप्रैल। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा है कि एक मई से राज्य में सभी लाइसेंसी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा और मोटर परिवहन विभाग के कार्यालयों के माध्यम से इस बाबत राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। अपने कार्यालय से जारी एक बयान में, सरनाइक ने चेतावनी दी कि जिन ड्राइवरों को मराठी का बुनियादी ज्ञान नहीं होगा, उनके लाइसेंस रद कर दिए जाएंगे।

जिन ड्राइवरों को मराठी का बुनियादी ज्ञान नहीं, उनके लाइसेंस रद होंगे
प्रताप सरनाइक ने कहा, ‘एक मई से, जो महाराष्ट्र दिवस भी है, सभी लाइसेंसी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा। यह जांचने के लिए कि क्या ड्राइवर इस भाषा को पढ़ और लिख सकते हैं, मोटर परिवहन विभाग के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से एक राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।’
लाइसेंस जारी करने के लिए स्थानीय भाषा के ज्ञान की आवश्यकता वाला नियम पहले से ही लागू
उन्होंने बताया कि लाइसेंस जारी करने के लिए स्थानीय भाषा के ज्ञान की आवश्यकता वाला नियम पहले से ही लागू है, लेकिन इसका बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवहन विभाग को कई शिकायतें मिली हैं। खास तौर पर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), छत्रपति संभाजी नगर और नागपुर से कि ड्राइवर यात्रियों से मराठी में बात करने में असमर्थ हैं या हिचकिचाते हैं।
शिवसेना नेता ने आगे कहा, ‘जिस इलाके में आप अपना काम-धंधा करते हैं, वहां की भाषा सीखना हर किसी का फर्ज है। जहां अपनी मातृभाषा पर गर्व करना जरूरी है, वहीं उस राज्य में काम करते हुए वहां की भाषा का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है।’
गलत तरीके लाइसेंस जारी करने पर परिवहन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त काररवाई होगी
उन्होंने कहा कि यह सख्ती सिर्फ ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं रहेगी। मंत्री ने कहा, ‘परिवहन विभाग के उन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त काररवाई की जाएगी, जो इन तय नियमों को नजरअंदाज करके गलत तरीके से लाइसेंस जारी करने के दोषी पाए जाएंगे।’
