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बंगाल : ममता बनर्जी भवानीपुर सीट भी नहीं बचा सकीं, विजेता शुभेंदु बोले- ‘अब उनका राजनीतिक संन्यास हो गया..’

बंगाल : ममता बनर्जी भवानीपुर सीट भी नहीं बचा सकीं, विजेता शुभेंदु बोले- ‘अब उनका राजनीतिक संन्यास हो गया..’

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कोलकाता, 4 मई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दोहरा झटका लगा है। एक तरफ भाजपा ने प्रचंड बहुमत से टीएमसी के 15 वर्षों के शासन का खात्मा कर राज्य में पहली बार सरकार बनाने का रास्ता खोला तो दूसरी तरफ ममता खुद अपनी परंपरागत भवानीपुर सीट भी नहीं बचा सकीं, जहां भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें हरा दिया है।

शुभेंदु ने ममता को 15,105 वोटों से शिकस्त दी

शुभेंदु अधिकारी ने उतार-चढ़ाव से भरपूर मतगणना में शुरुआत में पिछड़ने के बाद ममता को 15,105 वोटों से हरा दिया। वस्तुतः शुभेंदु ने लगातार दूसरी बार ममता को हराया है। इससे इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से सीएम ममता को हराया था।

भाजपा को 206 सीटों का प्रचंड बहुमत तो टीएमसी 81 पर सिमटी

वहीं बंगाल चुनाव के अंतिम परिणाम पर नजर डालें तो फाल्टा को, जहां 21 को पुनर्मतदान होना है, छोड़ा शेष 293 सीटों की मतगणना पूरी हो चुकी है। इसमें भाजपा ने 200 का आंकड़ा पार करते हुए जहां 206 सीटों से प्रचंड बहुमत हासिल किया है वहीं टीएमसी 81 सीटों पर सिमटकर रह गई है। उधर कांग्रेस को दो व सीपीआई (एम) को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा।

इस बीच शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर की सर्वाधिक प्रतिष्ठित सीट जीतने के बाद ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता को हराना बेहद जरूरी था। उनका राजनीतिक संन्यास अभी हो गया है। वह 2021 में नंदीग्राम से हारी थीं और इस बार भवानीपुर से उन्हें हराया।

‘यह जीत बंगाल और नरेंद्र मोदी की जीत है’

शुभेंदु ने दावा करते हुए कहा, ‘ममता बनर्जी को मुसलमानों ने खुलकर वोट दिया। वॉर्ड नंबर 77 में जितने भी मुसलमान वोट देने निकले, सभी ने ममता को वोट किया। मुझे हिन्दू, सिख, जैन और बौद्धों ने आशीर्वाद देकर जिताया। यह जीत बंगाल की जीत है. ये जीत नरेंद्र मोदी की जीत है।

उन्होंने कहा, ‘काउंटिंग में 15 राउंड तक जब ममता का मार्जिन खत्म करके मैं 556 वोट से आगे निकल गया तो उन्होंने (ममता) भागना चालू कर दिया। मुझे खासकर बंगाली हिन्दुओं ने खुलकर वोट दिया। सीपीएम के समर्थकों ने भी मुझे वोट दिया। भवानीपुर में सीपीएम के 13000 वोटर्स थे, जिनमें से 10 हजार ने मुझे वोट दिया। मैं सीपीएम के वोटर्स का भी आभार जताता हूं। बंगाली हिन्दुओं के अलावा गुजरातियों, जैनियों, मारवाड़ी और पूर्वांचलियों ने भी मुझे वोट दिया। सिख समुदाय ने खुलकर मुझे वोट दिया।’

2021 में नंदीग्राम में हार के बाद ममता ने भवानीपुर से बड़े अंतर से जीता था उपचुनाव

उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से हुआ। शुभेंदु ने उस सीट से ममता को हरा दिया। इसके बाद ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ा और 58,000 से अधिक वोटों के अंतर और लगभग 72 फीसदी वोट शेयर के साथ शानदार जीत दर्ज की, जिससे भवानीपुर उनके सबसे भरोसेमंद राजनीतिक गढ़ के रूप में फिर साबित हुआ। ममता पहले दक्षिण कोलकाता लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुकी हैं और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र उसी लोकसभा सीट का एक हिस्सा है।

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