श्रीनगर, 12 सितंबर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सीमापार से रची गई कथित आतंकी साजिश की जांच के सिलसिले में शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कश्मीर संभाग में कई जगहों पर छापेमारी की। एजेंसी ने कुलगाम, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में कुल सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीमों ने शनिवार सुबह एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कुलगाम में दो, बांदीपोरा में तीन और बारामूला जिले के सोपोर में दो स्थानों पर जांच की गई। इस दौरान स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों की टीमें भी एनआईए के साथ मौजूद रहीं।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और OGW नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई सीमापार से रची गई कथित आतंकी साजिश से जुड़े मामले का हिस्सा है। जांच में पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स और स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के बीच नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय ओजीडब्ल्यू पर घुसपैठ कर आने वाले आतंकवादियों को मदद पहुंचाने का संदेह है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि स्थानीय सहयोगियों ने कथित तौर पर आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता, ठिकाने, आवाजाही और अन्य मदद किस तरह उपलब्ध कराई।
जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज केस से जुड़ी है कार्रवाई
एनआईए की शनिवार की कार्रवाई श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले से जुड़ी बताई जा रही है। इस मामले को बाद में एनआईए ने अपने स्तर पर फिर से दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों, उनके संपर्कों और गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रही है। तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य संदिग्ध सामग्री की भी जांच की जा रही है।
22 अगस्त को भी 10 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
इसी मामले की जांच के तहत एनआईए इससे पहले 22 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। एजेंसी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े स्थानीय सहयोगियों तथा पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के बीच संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
नाके पर गिरफ्तारी के बाद सामने आया था मामला
यह मामला 31 मार्च की देर रात एक नाके पर कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक ओवर ग्राउंड वर्कर की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक हथगोला और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो कथित साजिश से जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर मौजूद कथित सहायता नेटवर्क के सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिकाओं की भी जांच की गई।
संचार से लेकर फंडिंग तक की हो रही जांच
जांच में अब तक पाकिस्तान स्थित कथित संचालकों और स्थानीय सहयोगियों के बीच संबंधों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपर्कों का इस्तेमाल कथित तौर पर संचार, लॉजिस्टिक्स, आतंकियों की आवाजाही, छिपने के ठिकाने, आश्रय, जासूसी और अन्य सहायता के लिए कैसे किया जाता था।
एनआईए कथित नेटवर्क की फंडिंग और संचालन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। इसमें वित्तीय लेन-देन, संचार के माध्यम, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों एवं विस्फोटकों के स्रोत का पता लगाना शामिल है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित आतंकी नेटवर्क की पूरी संरचना, उसके संपर्कों और गतिविधियों के दायरे का पता लगाना है।


