नई दिल्ली, 12 सितम्बर। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी के लिए शनिवार को पूर्वाह्न राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे। मध्याह्न लगभग 12 बजे चीनी राष्ट्रपति का विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पालम एयरपोर्ट पर जिनपिंग का स्वागत किया। सरकारी सूत्रों की मानें तो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के बाद शाम को प्रधानमंत्री मोदी की चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होनी है।
Warm welcome to President Xi Jinping of the People’s Republic of China on his arrival in New Delhi to attend the 18th BRICS Summit. He was received by MoS @JitinPrasada at the airport.
We look forward to constructive discussions as BRICS continues to advance cooperation and… pic.twitter.com/pLYKBzS2V1
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 12, 2026
लगभग 7 वर्षों में जिनपिंग की पहली भारत यात्रा
देखा जाए तो शी जिनपिंग की लगभग सात वर्षों में भारत की पहली यात्रा है। 2020 के गलवान संघर्ष से उपजे तनाव के बाद पिछले कुछ वर्षों से दोनों देशों के बीच जारी राजनयिक सुधार की प्रक्रिया के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2019 में जिनपिंग चेन्नई के पास मामल्लापुरम में हुई एक अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे।

SCO समिट के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच हुई थी संक्षिप्त बातचीत
वस्तुतः शी जिनपिंग का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और चीन 2020 की घातक गलवान झड़पों के बाद अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास और प्रगति के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना एक जरूरी शर्त है। हाल ही में बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान भी पीएम मोदी और शी के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई थी।
China values BRICS cooperation and supports India in hosting a successful BRICS Summit this year. 🇨🇳🤝🇮🇳 https://t.co/aMLcoDH9g7
— Xu Feihong (@China_Amb_India) September 11, 2026
चीनी राजदूत फेइहोंग बोले- दोनों पक्ष द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे
इस बीच भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली, शी और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि चीन दोनों नेताओं द्वारा दिए गए रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।
China and India are arranging for the bilateral meeting between President Xi and Prime Minister Modi.
This will be the third year in a row for the two leaders to meet with each other, following their meetings in Kazan and Tianjin.
China will work with India to act on the… pic.twitter.com/jD3GeZpjZk
— Xu Feihong (@China_Amb_India) September 11, 2026
ब्रिक्स समिट में शी की भागीदारी से दोनों पक्षों को भारत-चीन संबंधों की व्यापक दिशा पर चर्चा करने का मौका मिलने की उम्मीद है। ब्रिक्स समिट में समूह के बीच सहयोग को मजबूत करने और आपसी महत्व के वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी-जिनपिंग वार्ता पर दुनिया की निगाहें
इसमें कोई दो राय नहीं कि पीएम मोदी व चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच प्रस्तावित वार्ता पर दुनियाभर की निगाहें लगीं हैं। जिनपिंग के इस भारत दौरे में खास प्रतिनिधिमंडल भी आया है। उनके करीबी सहयोगी काई ची भी इसमें शामिल हैं।
काई ची चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के राजनीतिक ब्यूरो की शक्तिशाली स्थायी समिति के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक हैं। चीन के विदेश मंत्री और सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग यी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।


