महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम : मुंबई में बीजेपी की लहर, कांग्रेस का लातूर-कोल्हापुर में पलटवार
मुंबई, 16 जनवरी। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज ‘सुपर फ्राइडे’ है। राज्य की 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे से मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों ने राज्य का सियासी पारा बढ़ा दिया है। 893 वार्डों में 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कुछ ही घंटों में स्पष्ट हो जाएगा।
मुंबई (BMC) : देश की सबसे अमीर महानगरपालिका में बीजेपी को बढ़तसबसे दिलचस्प मुकाबला देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी बढ़त बना ली है: कुल सीटें : 227
बीजेपी : 93 सीटों पर आगे
शिवसेना (UBT) : 53 सीटों पर बढ़त
कांग्रेस: लातूर और कोल्हापुर में बेहतर प्रदर्शन, मुंबई में पहली जीत (आशा काले, वार्ड 183) दर्ज की है।
पुणे, नागपुर और नासिक में ‘महायुति’ का दबदबा : मुंबई के अलावा बीजेपी गठबंधन अन्य बड़े शहरों में भी मजबूत नजर आ रहा है।
पुणे और नागपुर : यहां बीजेपी ने अपनी पकड़ बरकरार रखी है और शुरुआती राउंड्स में प्रतिद्वंद्वी दलों से काफी आगे चल रही है।
ठाणे : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में शिंदे गुट और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) : यहां भी बीजेपी गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है।
कांग्रेस की वापसी : लातूर और कोल्हापुर में बढ़त, जहां एक तरफ शहरी केंद्रों में बीजेपी आगे है, वहीं कांग्रेस ने ग्रामीण और कुछ विशिष्ट शहरी क्षेत्रों में अपनी ताकत दिखाई है।
लातूर : कांग्रेस यहां शुरुआती रुझानों में आगे चल रही है।
कोल्हापुर: यहां भी कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है, जिससे महाविकास अघाड़ी (MVA) खेमे में कुछ राहत देखी जा रही है।
तनाव और आरोप-प्रत्यारोप
मतगणना के बीच मुंबई से तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के एक मंत्री ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके समर्थकों पर जानबूझकर लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद कुछ केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
रुझानों का विश्लेषण : राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यही रुझान परिणामों में तब्दील होते हैं, तो यह बीजेपी के लिए एक बड़ी जीत होगी। वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) के लिए मुंबई में अपनी सत्ता बचाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
ताजा स्थिति : बीजेपी गठबंधन फिलहाल 29 में से अधिकांश निगमों में आगे चल रहा है, लेकिन अंतिम परिणामों के लिए शाम तक का इंतजार करना होगा।
